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Tuesday, March 15, 2022

सगे भाई के हत्यारे को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा...

रेवांचल टाईम्स - न्यायालय श्री निरंजन कुमार पांचाल प्रथम अपर सत्र द्वारा प्रकरण 62/18 शासन विरुद्ध कौशल कुशवाहा के मामले में अभियुक्त को अपने सगे भाई जगदीश कुशवाहा की हत्या करने के आरोप में दोनी पाये उसे भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 मा.द.वि. में आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया गया है।



      जिला अभियोजन अधिकारी मण्डला अरूण कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि प्रकरण थाना महाराजपुर जिला मण्डला के अप.क. 154/18 से संबंधित है। अभियुक्त कौशल कुशवाहा पिता मथुरादास कुशवाहा उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम तरगुवा थाना तालबेट जिला ललितपुर (उ.प्र.) का मूल निवासी है, जो दिल्ली में एक ट्राले में ड्राईवरी का काम करता था। दिनांक 24.04.2018 अभियुक्त कौशल कुशवाहा अपने छोटे भाई जगदीश कुशवाहा के साथ ट्राला लेकर दिल्ली से रायपुर गया था तथा दिनांक 25.04.2018 को शाम को 5.00 बजे वह ट्राला लेकर अपने भाई जगदीश के साथ दिल्ली वापस जाते समय जबलपुर मण्डला बायपास सुबह 3.30 बजे पहुंचकर उसने ढाबे के मालिक जीतेन्द्र बरमैया को बताया कि ढाबे के पास 3-4 लोग उसके ट्राले में आये और ट्राले के केबिन में घुसकर उसके भाई जगदीश को धारदार हथियार से मारकर भाग गये है तथा मेरा माई ट्राले के अंदर मरा हुआ पड़ा है। घटना की सूचना 100 डायल के माध्यम से थाना कोतवाली मण्डला को दी गई तब थाना प्रभारी मण्डला जी.एस. मर्सकोले द्वारा अपने हमराह स्टाफ के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर अभियुक्त कौशल कुशवाहा के बताये अनुसार जगदीश कुशवाहा की हत्या करने के संबंध में 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई तथा घटनास्थल एवं जगदीश कुशवाहा के शव का पंचनामा तैयार करने के पश्चात् शव को पोस्टमार्टम कार्यवाही हेतु जिला चिकित्सालय मण्डला भेजा गया। थाना प्रभारी जी.एस. मर्सकोले द्वारा आरूषी ढाबे के पास जमीन पर कोई रक्त के निशान नहीं पाये गये तथा अभियुक्त कौशल कुशवाहा के कपड़े भी साफ-सुथरे पाये गये जिससे कौशल कुशवाहा लिखाई रिपोर्ट पर संदेह उत्पन्न हुआ। इसके बाद निरीक्षक जी.एस. मर्सकोले द्वारा अभियुक्त कौशल कुशवाहा से बारीकी से पूछताछ की गई तब उसने यह स्वीकार किया कि, जबलपुर-मण्डला बायपास पर औघटखापरी बस स्टैंड के पास रात में तीन साढ़े तीन बजे जब उसका भाई ट्राले के केबिन में सो रहा था तब उसने अपने भाई जगदीश कुशवाहा को हसिया से मारकर उसकी हत्या कर दी तथा हसिया और खून लगे हुये अपने कपड़े उसने आंघटखापरी के पास फेंक दिये है। निरीक्षक जी.एस. मर्सकोले द्वारा औघटखापरी बस स्टैंड के पास जाकर अभियुक्त कौशल कुशवाहा के बताये गये स्थान से खून लगी हुई हसिया और खून लगे हुये कपडे जप्त किये गये। घटनास्थल औघटखापरी थाना महाराजपुर के क्षेत्र में आने के कारण प्रकरण की केस डायरी अग्रिम विवेचना हेतुके आदेशानुसार प्रारी को भेजी गई 154/18की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकर किये हुने कपड़े और सेज किये हुई पसे जत किये गये ज विधि विज्ञान प्रयोगशाला सागर से कराया गया। डीए हुआ कि अभियुक्त कौशल कुशवाहा के खून कपडे और मृतक अगदी सुरुवाहा के खून लगे हुये कपडे तथा घरी रोड से जस किये गये खून काश कुशवाहा के ही है। इस प्रकार विवेचना कार्यवाही से यह सिद्ध हुआ कि अभियुक्त कौशल कुशवाहा द्वारा औघटखापरी पर अपने भाई जगदीश कुशवाहा की हत्या करने के बाद आरूषी बाबा के पास जाकर पुलिस के 3-4 त व्यक्तियों के विरूद्ध अपने भाई जगदीश कुशवाहा की हत्या करने की झूठी रिपोर्ट लेख करायी गई थी। प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज मामला चिन्हित करते हुये प्रकरण की उत्कृष्ट विवेचना एवं प्रभावी अभियोजन कार्यवाही सुनिश्चित की गई। दिनांक 08.08.2016 को थाना प्रभारी महाराजपुर द्वारा अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने पर प्रकरण विचारण कार्यवाही हेतु सत्र न्यायालय मण्डला को भेजा गया। विचारण न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य को विश्वसनीय पाते हुये तथा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किये गये तक से सहमत होकर अभियुक्त को धारा 302 भा.द.वि. में आजीवन कारावास एवं 2000/- रू का अर्थदण्ड व धारा 201 भा.द.वि. में 07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। शासन की ओर पैरवी श्री अरूण कुमार मिश्रा जिला अभियोजन अधिकारी मण्डला द्वारा की गई।

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