बलरामपुरः सरकार पेड़ों की कटाई पर चाहे कितना भी प्रतिबंध क्यों न लगा ले, लेकिन पेड़ों की अवैध कटाई ठमने का नाम नहीं ले रही है. बलरामपुर जिले के सेमरसोत वन अभ्यारण क्षेत्र जहां पेड़ से एक दातून या पत्ता तोड़ने पर सजा हो जाती है, वहां 15 दिन के भीतर लगातार दूसरी बार सैकड़ों पेड़ों के कटाई का मामला सामने आया है. वहीं वन विभाग इस मामले में सरकार को दोषी ठहरा रहा है. विभाग का कहना है कि कर्मचारियों की कमी से निगरानी में दिक्कत हो रही है.
आपको बता दें कि वन विभाग की अनदेखी की वजह से सैकड़ों पेड़ काट दिए गए हैं. जो कहीं न कहीं विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. पेड़ों की लगातार कटाई के बाद भी विभाग के अधिकारी मौन हैं. फिलहाल विभाग लकड़ियों को डिपो में लाकर जंगल में ठूठ गिनने में लगा हुआ है.
पड़ोसी राज्यों में की जाती है तस्करी
सूत्रों की माने तो अधिकारियों की मिली भगत से रिजर्व फॉरेस्ट से लकड़ियों की कटाई के बाद उसे पड़ोसी राज्य झारखंड में तस्करी की जाती है. ग्रामीणों की माने तो, पेड़ों की अवैध कटाई एक दरोगा के संरक्षण में की जा रही है. वहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया की मामला को उजागर होने के बाद अधिकारी कोरम पूर्ति के लिए तीन निर्दोष ग्रामीणों को जेल भेज दिया था.
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