रेवांचल टाईम्स: शहपुरा थानान्तर्गत बस्तरा में शार्ट-सर्टिक की वजह से कूलर में आग लग गई। कूलर में लगी आग की लपटों ने कमरे में सो रही मां बेटी को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले कि घर के अन्य सदस्यों को इसकी भनक लग पाती और दोनों को बचाने का प्रयास करते मां बेटी दोनो ही गंभीर रूप से झुलस गई। किसी प्रकार से कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची शहपुरा पुलिस ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार शहपुरा के ग्राम बस्तरा निवासी दुर्गा मरावी की पत्नी सविता मरावी 24 वर्ष अपनी 11 माह की बेटी दीपिका के साथ कमरे में सो रही थी। जबकि पति दुर्गा मरावी समीपी गांवखेरभगदू रिश्तेदारी में गया था। वहीं घर के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे। देर रात अचानक सविता मरावी के कमरे में आग लग गई। जिसकी भनक लगते ही घर के अन्य सदस्य दौड़कर महिला के कमरे के पास पहुंच गए। जहां उन्होने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो लोहे का दरवाजा होने की वजह से उसमें करंट था। किसी प्रकार दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो सविता के साथ उसकी 11 माह की बेटी भी गंभीर रूप से झुलस गई थी। जिन्हे आनन-फानन में शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनो को मृत घोषित कर दिया। घटना की वजह कूलर में शार्ट-सर्किट होने को बताया जा रहा है। बहरहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पीएम कराते हुए सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। परिजनों को धकेलना पड़ा स्टे्रचर
इस हृदय विदारक घटना के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रबंधन की लापरवाही भी देखने मिली। परिवार के दो सदस्यों की मौत ने जहां सबको झकझोर कर रख दिया था। ऐसे में मृतकों को पीएम के लिए ले जाने के लिए अस्पताल का कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहा। ऐसी स्थिति में परिजनों को खुद स्टे्रचर को धक्का देकर शव पीएम के लिए ले जाना पड़ा।
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