रेवांचल टाइम्स - कथा में राम जी के जन्म की मंगलमय कथा का वचन किया गया राम कथा का वचन करते हुए मानस रत्न श्री नीलू महाराज जी ने बताया कि श्री राम जी मर्यादा पुरुषोत्तम है राम जी एक भी मर्यादा को भंग नहीं करते । सनातन धर्म का दर्शन करना हो तो तुम राम जी का दर्शन करो । सनातन धर्म ईश्वर का स्वरूप है धर्म साधन भी है और साध्य भी है । सनातन धर्म की विशिष्टता है की वहां साध्य और साधन दोनों एक ही है। धर्मानुकूल पवित्र जीवन कैसे व्यतीत किया जाय यह जगत को राम जी ने बताया । पुरूष का आचरण राम जी जैसा होना चाहिए और स्त्री का आचरण श्री सीता जी जैसा होना चाहिए श्री सीताराम जी मानव समाज के स्त्री पुरुषों को स्वधर्म का तत्व समझाने के लिए लीला करते है । आचरण राम जी जैसा होगा तो ही भक्ति सफल होगी । कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ लेने पहुंच रहे हैं।
सनातन धर्म साधन है और साध्य भी नारा में चल रहे श्री रामयज्ञ एवं रामकथा के चतुर्थ दिवस कल
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