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Thursday, February 3, 2022

देशभर में स्कूली छात्रों को मिलेगा बाजरे से बना भोजन, आखिर क्यों, यहां पढ़ें



दिल्ली । देश के अलग-अलग राज्य में पढ़ने वाले स्कूली छात्रों को पोषक आहार के रूप में जल्द ही बाजरे से बने व्यंजन दिए जा सकते हैं। केंद्र सरकार छात्रों को बाजरे से बना भोजन देने के पक्ष में है। इसका उद्देश्य छात्रों को अधिक पोषक भोजन मुहैया कराना है। केंद्र सरकार ने अपनी इस योजना के लिए सभी राज्य सरकारों से संपर्क किया है। बच्चों के बीच पोषण बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के प्रशासनों से प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बाजरा शुरू करने की संभावना तलाशने का अनुरोध किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को यह सुझाव दिया गया है कि सप्ताह में एक बार बाजरा (मोटे अनाज) आधारित मेनू शुरू करें।
केंद्र सरकार ने राज्यों से यह भी कहा है कि बाजरा आधारित व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने के लिए कुक-कम-हेल्पर्स के बीच खाना पकाने की प्रतियोगिताएं आयोजित करें।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक बाजरे की अच्छाई के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए छोटे वीडियो तैयार करने और उन्हें स्कूलों में प्रदर्शित करने का भी सुझाव दिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) और अभिभावक शिक्षक बैठक (पीटीएम) के दौरान बाजरा की खपत पर चर्चा की जा सकती है।

नीति आयोग भी पीएम पोषण योजना में बाजरा की शुरूआत को बढ़ावा दे रहा है और राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के साथ एक राष्ट्रीय परामर्श आयोजित किया है। परामर्श के दौरान ओडिशा, तेलंगाना और कर्नाटक के बाजरा पर सर्वोत्तम प्रथाओं को अन्य राज्य सरकारों के प्रशासन के साथ साझा किया गया है। यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

इस योजना में 3 प्रकार के खाद्यान्न अर्थात गेहूं, चावल और मोटे अनाज का प्रावधान है। वार्षिक कार्य योजना और बजट (एडब्ल्यूपी एंड बी) में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद्यान्न आवंटित किया जाता है।

योजना के कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड द्वारा अनुमोदित किए जाते हैं। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की सहमति से स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा हर साल खाद्यान्न का आवंटन किया जाता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि खाद्यान्न की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाती है।

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