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Saturday, January 29, 2022

रोजगार सहायक के ऊपर क्यों....? मेहरबान है जनपद का अधिकारी अमाला.......





रेवांचल टाईम्स - ग्राम पंचायत चिरपोटी के रोजगार सहायक के ऊपर आखिर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही कौन है मेहरबान भ्रष्टाचार में डूबी ग्राम पंचायत चिरपोटी ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते पंचायतों में किस तरह शासकीय पैसों का बंदरबांट किया जा रहा है ना कोई देखने वाला है। ना कोई सुनने वाला है शासन-प्रशासन भ्रष्ट और भ्रष्टाचार रोकने के लिए अनेक नियम कानून बनाए गए पर जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है वह अपने अपने निजी स्वार्थ के चलते सिर्फ कागजों में ही खानापूर्ति करते हैं और ना ही अपने अधीनस्थ पदस्थ कर्मचारियों के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार में कुछ कह पाते हैं वही जानकारी के अनुसार पूरा मामला जनपद पंचायत मेहंदवानी के ग्राम पंचायत चिरपोटी का है जो इस समय भ्रष्टाचार की चरम सीमा पार कर चुकी है प्रशासनिक अधिकारी का सुस्त रवैया बड़े पैमाने में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है वही ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाते हुए बताया गया कि रोजगार सहायक रवि संत के द्वारा प्रधानमंत्री आवास वाले हितग्राही से लेनदेन करके मनमानी रूप से आवास देने की बात कहता है और ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि पहाड़ी पतेरा का मस्टरोल निकाला है जिसमें एक ही खाते में राशि डलवाया गया है एक ही जॉब कार्ड में सभी लोगों की हाजिरी डालकर राशि का आहरण किया गया है जो फर्जी है और बताया गया कि फर्जी बिल वाउचर का मनमानी ढंग से फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया और अपने निजी स्वार्थ के लिए खर्च किया गया और बताया गया कि रोजगार सहायक रवि संत के द्वारा मजदूरों की मजदूरी भुगतान में भी लापरवाही किया जाता है और ग्रामीणों द्वारा चना फूटा चिरौंजी फल्ली दाना और तेल के नाम से भी कई हजारों का फर्जी बिल लगाकर शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया है और अगर इस ग्राम पंचायत में कड़ाई से जांच की जाए तो कई अन्य  भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ सकते हैं पंचायत में बैठे जिम्मेदार द्वारा पैसे की डिमांड की जाती है और पैसा लेकर मकान स्वीकृत का निर्माण कार्य किए जाते हैं बिना पैसे के आज तक ग्रामीणों को शासन की किसी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है और ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि फर्जी मस्टररोल में फर्जी हाजिरी भर कर राशि निकाल ली जाती है अगर जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा इस ग्राम पंचायत की सूक्ष्मता से जांच की जाए तो शासन के द्वारा संचालित अधिकतर योजना में फर्जीवाड़ा की गई है और बेचारे ग्रामीणों को मिलने वाली योजनाओं में सरपंच सचिव रोजगार सहायक उप यंत्री की मिलीभगत से डाका डाल रहे हैं और ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर जनपद पंचायत कार्यालय से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक जाकर कई बार शिकायत कर चुके हैं इसके बावजूद भी रोजगार सहायक के ऊपर कार्यवाही ना होना अपने आप में एक अहम सवाल है आखिर यहां ग्रामीण न्याय के लिए कब तक दर-दर भटकते रहेंगे




रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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