रेवांचल टाईम्स - ग्राम सुकरी (पड़रिया), तहसील कुंडम में पीड़ित किसान ने तहसील न्यायालय में की फरियाद।
किसान ने कहा फिनिक्स पोल्ट्री फार्म द्वारा सिकमी में दी हुई जमीन पर अनुबंध की समाप्ति से पूर्व ही किसान की तैयार मटर की फसल को नष्ट कर दिया ।
वही जानकारी के अनुसार ग्राम सुकरी (पड़रिया), तहसील कुंडम में किसान भरत पटेल ने फिनिक्स पोल्ट्री फार्म की लगभग 35 एकड़ कृषि योग्य भूमि एक वर्ष हेतु सिकमिनामा कर कृषि कार्य करने हेतु ली थी। इस जमीन पर वह किसान अपना कृषि कार्य कर रहा था अपनी पूरी जमा पूंजी लगाकर एवं पैसा ब्याज से लेकर किसान ने भूमि तैयार कर अपना गेहूं, मटर, सरसों की फसल की बोनी की थी। किसान के अनुसार इसी समय नवंबर एवं दिसंबर माह में फिनिक्स कंपनी ने 12 से 13 एकड़ की मटर की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर एवं जेसीबी चलाकर फसल को नष्ट कर दिया। किसान ने जब इस विषय पर फिनिक्स के मैनेजर भरत कुमार पटेल से बात की तो उन्होंने किसान से कहा कि इस जमीन पर कंपनी अंगूर की खेती करेगी एवं रिसोर्ट बनाएगी इसलिए हमें जमीन की जरूरत थी हम आपको इस फसल और आप जो भी अगली फसल लगाएंगे उसकी संपूर्ण लागत एवं फसल की कीमत का मुआवजा आपको कंपनी देगी और यह मुआवजा हम एक हफ्ते में दे देंगे। इसके बाद जब किसान ने एक सप्ताह बाद कंपनी से संपर्क किया तो मैनेजर ने किसान की एक ना सुनी और उसकी बात टालते रहे। समय निकलता जा रहा था और पीड़ित किसान पर कर्ज का बोझ भी था इसलिए किसान के द्वारा बार बार पूछने पर मैनेजर ने कुछ दिन पश्चात पैसे देने से इंकार कर दिया और कहा कि आपको हम पैसा नहीं देंगे। इसके बाद पीड़ित किसान ने तहसील न्यायालय में फरियाद की, जैसे ही मैनेजर को पता चला कि किसान न्यायालय की शरण में जा रहा है तो उसने किसान को धमकाना शुरू कर दिया । मैनेजर ने किसान से कहा हमसे तुमने दुश्मनी ले ली है हम तुम्हें बर्बाद कर देंगे अब तुम अपना ट्रैक्टर, ट्राली, बीज, पाइप, मोटर 2 दिन के अंदर खेत से हटा लो नहीं तो हम सब में आग लगा देंगे। पीड़ित किसान ने बताया की बस इसके बाद अगले दिन से किसान को खेत के अंदर जाने से रोक दिया गया खेत में लगी गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए पानी तक बंद कर दिया गया एवं 15 से 20 गार्ड खड़े कर किसान और उसके कर्मचारियों को धमकाया एवं काम करने से रोक दिया गया। इसके बाद कंपनी ने किसान की संपूर्ण 35 एकड़ की फसल पर कब्जा कर लिया और 12 से 13 एकड़ की फसल नष्ट कर उस पर अंगूर के पौधे लगा दिए गए। किसान द्वारा बताया जा रहा है कि अब इस पर कंपनी द्वारा गार्डन बनाया जा रहा है।
राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी ने मौके पर पहुँच कर किया निरीक्षण
क्षतिपूर्ति एवं कृषि कार्य रोकने हेतु किसान ने तहसील न्यायालय में मामला दायर किया है। जिसके बाद राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी द्वारा मौके पर पहुँच कर जमीन का निरीक्षण किया गया है। सुकरी गांव के निवासियों का भी कहना है कि कृषक भरत पटेल ने फसल लगाई थी जिसे फिनिक्स कंपनी और उमके कर्मचारियों द्वारा नष्ट किया गया है एवं गेट पर ताला लगा दिया है जिससे किसान एवं उसके कर्मचारी कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं कोई जमीन में प्रवेश ना कर सके इसके लिए कंपनी ने बंदूकधारी भी तैनात कर दिए है।
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