मगर, DNA रिपोर्ट ने पूरे केस को ही पलट दिया. DNA जांच के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है. इस दौरान 20 जनवरी गुरुवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए स्पेशल जज वर्षा शर्मा ने टिप्पणी भी की. वहीं, कोर्ट ने कहा कि, ‘गवाहों के बयानों से मुकर जाने के कारण न्याय व्यवस्था का मजाक नहीं बनाया जा सकता.
दरअसल, ये मामला गुना जिले में साल 2020 का आरोन इलाके का है. जहां के रहने वाले युवक-युवती मजदूरी के लिए जयपुर गए थे। इस दौरान वे 13 साल की बेटी को नाना-नानी के यहां छोड़ गए. वहीं, 18 नवंबर की रात बच्ची घर के आंगन में सो रही थी. इसी दौरान रात करीब 11 बजे गांव का रहने वाला बृजेश बंजारा घुस आया.
वह बच्ची को उठाकर ले गया. इस दौरान बच्ची चिल्लाई, तो मुंह दबाकर जान से मारने की धमकी दी. जहां पर आरोपी सुनसान जगह ले जाकर रेप के बाद छोड़कर भाग गया. वहीं, लड़की रोती हुई घर आ गई. घर आते ही बच्ची ने अपने मामा-मामी को अपने साथ हुए कुकर्म की आपबीती सुनाई. हालांकि इस मामले में परिवार वालों ने थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने कुछ दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
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