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जांच के नाम पर अधिकारियों ने की लीपापोती...जिसके चलते खैरा पलारी पंचायत का भष्टाचार चरम सीमा पर...

 





रेवांचल टाईम्स - जांच के नाम पर अधिकारियों ने की लीपा पोती जिसके चलते पंचायतों का भ्रष्टाचार चरम सीमा पर आज तक बना हुआ है। खैरा पलारी पंचायत की जांच का रहस्य आज भ्रष्ट और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए सरकार अनेक प्रकार की कोशिश  कर  रही है।  पर वहीं भ्रष्ट और भ्रष्टाचार हावी होते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत केवलारी के अधिकारी कुछ दिनों से भष्टाचार को लेकरअखबारों की सुर्खियों एवं जन चर्चा का विषय में बने हुए हैं । माना यह जा रहा है कि केवलारी में वर्तमान पदस्थ जनपद पंचायत सीईओ सुमन खातेकर जो  इस समय सवालों के घेरे में है। जिनके ऊपर हली मैं भष्टाचार को लेकर  ईओडब्ल्यू में ममाला दर्ज हुआ है। जिसके चलते  आए दिन अखबारों की सुर्खियों में बनी हुई है।और  साथ ही पंचायतों का भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। या यह कह सकते हैं। कि इनके संरक्षण में पंचायतों का भ्रष्टाचार निरंतर जारी है। जोकि इस बात को दर्शा रहा है। कि अधिकारियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार निरंतर बढ़ते जा रहा है। जिसका उदाहरण यह भी है  कि....


कुछ दिनों पूर्व जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खैरा पलारी जहां सरपंच सचिव ने अपने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार की चरसीमा पार कर चुके हैं। जिसके चलते शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं। जिसकी शिकायत कुछ दिन पूर्व एक आरटीआई आवेदन कर्ता के द्वारा संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत कर भ्रष्टाचार से अवगत कराया था। जिसके चलते प्रशासन ने जांच समिति निर्धारित कर पंचायत के भ्रष्टाचार को जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद आज तक जनपद पंचायत केवलारी के अधिकारियों द्वारा जांच की गई लेकिन जांच में क्या पाया गया यह रहस्य अभी तक बना हुआ है। जिसके चलते अपने पद का दुरुपयोग कर रहे सचिव सरपंच के हौसले बुलंद हैं।  लाखों का घोटाला कर अपने आप को कर रहे हैं। मालामाल इससे यह साबित होता है। कि अधिकारियों के सुस्त रवैऐ के चलते भ्रष्टाचार है। चरम सीमा पर साथ ही यह माना जाए कि जनपद पंचायत केवलारी के अधिकारी सो रहे हैं कुम्करण की नींद जिसके चलते पंचायतों के कर्मचारी सचिव सरपंच जैसे लोगों के होंसले है बुलंद।


इस सम्बन्ध में इनका कहना है कि.....


  भष्टाचार को लेकर मेंने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी साथ ही समय पर पैसा जमा करने के बाद भी मुझे कागजात नहीं दिए गए जिसके चलते मैंने पोर्टल के माध्यम से  शिकायत  कि थी लेकिन जांच में क्या पाया गया इस सम्बन्ध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस सम्बन्ध में मेंने समय समय पर अधिकारियों से फोन एंव आवेदन के माध्यम से अवगत कराया एंव जानने की कोशिश की तो आज तक मुझे कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिली जिसके चलते आगामी समय मैं जल्द ही  मैं न्यायालय की शरण लूंगा....


                           आरटीआई आवेदन कर्ता......


अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट

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