लाख कोशिशों के बाद भी हाथ में नहीं टिकता पैसा, इस काम को करते ही भरी रहेगी जेब - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Wednesday, December 8, 2021

लाख कोशिशों के बाद भी हाथ में नहीं टिकता पैसा, इस काम को करते ही भरी रहेगी जेब



 रेवांचल टाईम्स: हर आदमी चाहता है कि उसकी जेब भरी रहे. लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी पैसा टिकता ही नहीं है. नतीजा ये होता है कि ऐसे लोग ना तो अपने भविष्‍य के लिए बचत कर पाते हैं और ना ही अपने बजट को मेंटेन करके चल पाते हैं. वहीं कुछ लोग देखते ही देखते गरीब हो जाते हैं. इन सब स्थितियों के पीछे कुंडली के ग्रहों के अलावा घर का वास्‍तु भी जिम्‍मेदार होता है. वास्‍तु शास्‍त्र में पैसे के बेवजह बेतहाशा खर्च होने के कारण बताए गए हैं.
...इसलिए नहीं टिकता पैसा

कभी-कभी अच्छी-खासी कमाई करने के बाद भी यदि पैसा नहीं टिकता है तो उसके पीछे हमारी ही कुछ अनदेखियां या गलतियां वजह बनती हैं. यहां तक कि इनमें सुधान न करना व्‍यक्ति को कर्ज के बोझ तले भी दबा सकता है.

- हमेशा याद रखें कि पैसे रखने की तिजोरी या पेटी आदि में कोई छेद न हो. यह ना तो पैसे को रुकने देता है और ना ही बढ़ने देता है. इसके अलावा हमेशा तिजोरी को पेंट करके सुंदर बनाकर रखें. जर्जर हालत की तिजोरी धन हानि कराती है.

- इसी तरह कभी भी फटे हुए पर्स या बटुअे में पैसे न रखें. ऐसा करने वाले हमेशा पैसों की तंगी से घिरे रहते हैं.

- फटी हुई जेब के कारण पैसे और जरूरी चीजें गिरने का डर तो होता ही है. साथ ही इसे ज्‍योतिष और वास्‍तु में गरीबी का कारण बताया गया है.

- दूसरों की संपत्ति पर लालच करने वालों और गलत तरीके से पैसे कमाने वालों के पास भी पैसा नहीं टिकता है. यदि ये अमीर बन भी जाएं तो कुछ समय बाद दिवालिया होने की कगार पर आ जाते हैं.
मन की दरिद्रता से बचें

कुछ लोग हमेशा पैसों की कमी का रोना रहते हैं. ऐसा करना ठीक नहीं है. इसे धर्म-शास्‍त्रों में मन की दरिद्रता कहा गया है. लिहाजा मां लक्ष्‍मी को हमेशा उनकी कृपा के लिए धन्‍यवाद कहते रहें और मन में सकारात्‍मक विचार लाएं. इससे आपकी स्थिति में सुधार जरूर होगा.

No comments:

Post a Comment