रेवांचल टाईम्स - जिले धड़ल्ले से संचालित अवैध कॉलोनाइजर के 6 बादशाहों पर राजस्व प्रशासन क्यो है आखिर मेहरबान जिला प्रशासन पटवारी के गोलमाल जाँच आखिर क्यों नही कर पा रहै है।
कही टैक्स चोरी की काली कमाई को कर रहें सफेद वही राजस्व विभाग के पूर्व पटवारी औऱ कर्मचारियों की मिली भगत उजागर,
नैनपुर में अवैध कॉलोनाइजर पर रेरा औऱ टाऊन एंड प्लांनिग विभाग मौन सहमति
कहने को तो प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि काली कमाई करने वालों को जमीन के नीचे फीट 10 फीट गाड़ दूंगा मगर उनकी नाक के नीचे अवैध काली कमाई और टैक्स चोरी कर करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले 6 अवैध कॉलोनाइजर बादशाह औऱ पटवारी औऱ उसके गुर्गे पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई वहीं जिला प्रशासन भी किस बात से इनको अनदेखा कर रहा है यह भी एक सवाल खड़ा करता है मगर माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा कही गई बात को अवैध कारोबारी झूठा साबित कर रहे हैं अवैध कॉलोनी के छह बादशाह खुल राजस्व विभाग के कर्मचारियों से मिलकर जिला प्रशासन का माजक उड़ा रहें है मगर जिला प्रशासन मूक दर्शक बना देख रहा है जिससे साफ पता चलता है कि अवैध कॉलोनाइजर की कही ना कही गहरी साठ गांठ है जिसके चलते कोई कार्यवाही नही हो रही है
टाऊन एंड कन्ट्री प्लॉनिंग विभाग औऱ रेरा विभाग मौन क्यों
नैनपुर में अवैध कॉलोनाइजर के इतने हौसले बुलंद है कि प्रशासन को मत दे रहें है वही शिकायत होने पर कार्यवाही करने के बजाये शिकायतकर्ता को ही दबाब देना शुरू कर देते है वही मानसिक दबाब डर के चलते शिकायत वापस हो जाती है जिसके कारण अवैध कॉलोनाइजर पर कार्यवाही नही होती है जिसके कारण नैनपुर नगर की जनता लूट रही है औऱ 6 बादशाह करोड़ पति हो चले है मगर वही एक सवाल भी खड़ा हो रहा है कि कौन सा अवैध पैसा मिला है इनको जो कौड़ियों की जमीन को करोड़ो में खरीद लेते है वही इन अवैध कॉलोनाइजर पर ना ही टाउन एंड कन्ट्री प्लांनिग विभाग कोई कार्यवाही नही करता है।
पटवारी की योजना हुई सफल
पत्रकार सुजीत प्रजापति ने प्रशासन को पहले से ही चेताया था की पटवारी प्रदीप उसराठे पत्रकार के ऊपर हमला करवा सकता है मगर पुलिस प्रशासन ने ध्यान नही दिया जिसका फायदा पटवारी औऱ उसके गुर्गे ने जमकर उठाया औऱ हमला कर दिया वही पटवारी इस मामले से आपने आप को दूर बता कर साफ सुथरा निकलने सफल हुआ वही पत्रकार सुजीत प्रजापति ने पहले ही पुलिस प्रशासन को पटवारी औऱ उसके गुर्गे हमला करवाने योजना औऱ घटना होने आवेदन दिया था मगर पटवारी प्रदीप उसराठे के विरुद्ध कार्यवाही नही होने से पटवारी के हौसले बुलंद हुये जिसके कारण पत्रकार के साथ घटना घट गई।
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