(बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने को भी को लेकर शासन की गाइडलाइन का पालन करने का दिया निर्देश)
रेवांचल टाईम्स - पूरे देश में कोवीड महामारी को देखते हुए शासन द्वारा विद्यालयों को नई गाइडलाइन जारी की गई है जिसके तहत अब विद्यालयों में 50% उपस्थिति के साथ विद्यालय का संचालन किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं जिसको लेकर शिक्षा विभाग द्वारा शुक्रवार को एम एल बी स्कूल छिंदवाड़ा में जिले भर के अशासकीय विद्यालयों के संचालकों एवम प्राचार्यो की बैठक जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद चोरागढ़े ने ली इस अवसर पर सहायक संचालक शिक्षा आई एम भीमनबार ,एम एल बी स्कूल के प्राचार्य भारत सोनी ,अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर विनोद तिवारी ,जिला कीड़ा अधिकारी एच झिरवार उपस्थित थे।जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद चौड़ागड़े ने सभी प्राइवेट स्कूल संचालकों एवम प्राचार्यो को शासन के द्वारा कोवीद को लेकर दिए गए निर्देश का पालन करने के निर्देश दिए साथ ही पूरे विद्यालय स्टाप का शत प्रतिशत वेक्सिनेशन करवाने एवम सभी का शत प्रतिशत वेक्सिनेशन हो जाने का प्रमाण पत्र देने को कहा इसके साथ बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों को अच्छे अंक लाने के लिए विद्यालय की ओर से नियमित कक्षाएं लगाने एवं उन्हें विषय विशेषज्ञ द्वारा पाठ्यक्रम संपूर्ण कराने के भी निर्देश जारी किए गए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राइवेट स्कूल संचालकों एवं प्राचार्य को निर्देशित भी किया कि यदि आप से कोई पालक अपने बच्चे की टीसी मांगता है तो उसे तत्काल प्रदान करें यदि आपका शिक्षण शुल्क का कोई मामला पेंडिंग है तो ऐसी स्थिति में आप विभाग को भी सूचित करें पालक को भी सूचित करें एवं यदि आप संतुष्ट नहीं है तो आप स्वयं भी विधिक सहायता द्वारा अपना न्याय प्राप्त कर सकते हैं इसके साथ ही किसी बच्चे को किसी भी प्रकार से पनिशमेंट नही देना चाहिए इसका भी ध्यान आपको देना होगा जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी उपस्थित संचालकों एवं प्राचार्य से उनकी समस्या भी सुनी और उसके निदान के लिए उपाय भी बताएं एवं कहा कि मैं शासकीय अशासकीय विद्यालयों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रखता दोनों मेरे अपने विद्यालय हैं उनकी समस्या मेरी अपनी है और शासन के निर्देश का पालन कराना मेरा कर्तव्य है आप भी इसमें पूरा सहयोग प्रदान करें बैठक में सहायक संचालक ने भी स्कूल व्यवस्था को लेकर निर्देश जारी किए इस अवसर पर मध्य प्रदेश इको पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए अनुभूति कार्यक्रम के लिए मास्टर ट्रेनर विनोद तिवारी ने सभी को कहा कि या पहली बार हुआ है जब शासकीय विद्यालय के बच्चों के साथ साथ अशासकीय विद्यालयों के बच्चों को भी अनुभूति कार्यक्रम जंगल भ्रमण जैसे नेचर ट्रेल प्रकृति के बीच बच्चों को ले जाने का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें पूरे प्रदेश से 2लाख बच्चे अशासकीय विद्यालय एवं डेढ़ लाख बच्चे शासकीय विद्यालय से इस भ्रमण में शामिल होंगे अशासकीय विद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी को ₹120 शुल्क देकर इन विद्यार्थियों को भी अनुभूति कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं एक दिवसीय अनुभूति कार्यक्रम होगा जिसमें बच्चे दिनभर जंगल भ्रमण कर प्रकृति के खजाना को जानेंगे इसमें बड़ी संख्या में हमारे जिले से भी निजी विद्यालय के कक्षा 8 से बारहवीं तक के विद्यार्थी शामिल होंगे एवं उन्हें वन विभाग के माध्यम से एवं मास्टर ट्रेनर के साथ जंगल भ्रमण का आनंद ले पाएंगे ।
No comments:
Post a Comment