रेवांचल टाईम्स - बैगा आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में अब जिले बैगा आदिवासी ने अपनी मूलभूत सुविधाओं और अपने अधिकारों के लिए मवई से पदयात्रा निकाली और मंडला मुख्यालय में समाप्त की जिसका अपार जनसमर्थन के साथ आदिवासी सगा समाज के सैकड़ों नागरिक पदयात्रा में शामिल
मण्डला जल जंगल जमीन के अधिकार के साथ संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर जिले के सुदूर वनांचल मवई से आदिवासी समाज के द्वारा मण्डला जिला मुख्यालय तक 100 किमी की पदयात्रा की जा रही है। 4 दिसंबर को मवई मुख्यालय से प्रारंभ हुई इस ऐतिहासिक पदयात्रा में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के नागरिक सम्मिलित हुए हैं। पहले दिन की पदयात्रा लगभग 30 किमी चलकर अंजनी पहुंची जहां रात्रि विश्राम रहा। 5 दिसंबर को सुबह अंजनी से चलकर यह पदयात्रा औरई पहुंची। ग्राम घुटास में बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने पदयात्रा का स्वागत किया और सभी को स्वल्पाहार कराकर स्वयं पदयात्रा में शामिल हुए। कुछ किमी इस पदयात्रा में चलकर वे अपने क्षेत्रीय कार्यक्रमों के लिए रवाना हुए। रात्रिभोज ग्राम औरई में हुआ जहां विछिया विधायक ने सभी पदयात्रियों के साथ भोजन किया। इस संवैधानिक अधिकार पद यात्रा को हर गांव में जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है और जगह जगह के स्वागत सत्कार किया जा रहा है। इस दौरान जनसभाएं भी की जा रही हैं जिसमें लोगों को संविधान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वक्ताओं द्वारा बताया गया की अनुसूचित क्षेत्र में पेसा कानून 1996 में बनाया गया। 24-25 वर्षों बाद भी इस कानून का जमीनी स्तर पर उचित क्रियान्वयन नहीं हुआ वनाधिकार मान्यता कानून 2006 को 14-15 वर्ष होने को है पर इसका भी पालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है जिससे लोगों को षड्यंत्र पूर्वक लगातार विस्थापित किया जा रहा एवं जो मुआवजा मिलना चाहिए वो भी सही तरीके से नहीं मिला एवं कई परिवार मुआवजा से वंचित रह गए हैं उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। 5 वीं अनुसूची का अनुसूचित क्षेत्रों में कड़ाई से पालन हो। विस्थापन अनुसूचित क्षेत्रों में पूर्णतः बंद किया जाना चाहिए। संवैधानिक रूप से जागरूक होने संविधान को मानने उसके बताये रास्ते पर चलने का आग्रह किया गया। औरई में सभा एवं बैठक कर आगे की रणनीति कार्ययोजना बनाई गई एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया एवं रात्रि विश्राम के पश्चात् सुबह पदयात्रा जिला मुख्यालय की ओर बढ़ेगी और 7 दिसंबर को इसका समापन होगा। 100 किमी की इस पदयात्रा में समरो दाई बैगा, हरीयारो बैगा, पिक्को बाई बैगा, मुहती बाई बैगा, चिर्री बाई बैगा, बुधराम बैगा, सुन्दर लाल मार्को, चरन परते, मुन्ना मरावी, विवेक पवार, हीरा उद्दे, अशोक पट्टा, रुक्मणि सुरेश्वर, भूपेंद्र उइके, इंद्रवती धुर्वे, सरोज उइके ,रंजीत धुर्वे, सुरेश पेंदो सहित सैकड़ों की संख्या में आदिवासी सगा समाज के नागरिक उपस्थित रहे।
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