मप्र पंचायत चुनाव: अब केंद्र सरकार ने लगाई SC में याचिका, 3 जनवरी को सुनवाई, हो सकता है बड़ा फैसला - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Monday, December 27, 2021

मप्र पंचायत चुनाव: अब केंद्र सरकार ने लगाई SC में याचिका, 3 जनवरी को सुनवाई, हो सकता है बड़ा फैसला



 भोपाल। मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों  में आए दिन नए नए मोड आ रहे है। ओबीसी आरक्षण का मामला हो या फिर रोटेशन की प्रक्रिया का मुद्दा सड़क से सदन और हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंच रहा है। शिवराज सरकार (Shivraj Government) और कांग्रेस के बीच मचे घमासान के बीच अब केंद्र सरकार की पंचायत चुनाव में एंट्री हो गई है। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की याचिका में खुद को पक्षकार बनाने की मांग की है।इधर, ओबीसी वोटरों की गिनती केलिए सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि 7 जनवरी तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और पंचायतवार व वार्डवार जानकारी मप्र शासन को भेजी जाए।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण पर रोक लगाए जाने के मामले में लगाई गई याचिका पर नए साल में यानि 3 जनवरी 2022 को सुनवाई होगी।इससे पहले एक तरफ राज्य सरकार द्वारा इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है वही दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने अर्जी दाखिल कर खुद को पक्षकार बनाने की मांग की है।केंद्र सरकार ने रविवार को पंचायत चुनाव के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के 17 दिसंबर के आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जमीनी स्तर के शासन में निर्वाचित निकायों में समुदाय का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए बिना चुनाव कराना संविधान के जनादेश के विपरीत है।केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी सुझाव दिया है कि वैकल्पिक रूप से 4 महीने के लिए चुनाव टाल सकता है और 3 महीने के भीतर आयोग से रिपोर्ट मांग सकता है।

दरअसल, मध्य प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत के चुनाव के लिए नए साल में 6 जनवरी 2022, 28 जनवरी और 16 फरवरी को मतदान तीन चरणों में होने थे, लेकिन 17 दिसंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाई गई याचिका पर मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission) को स्थानीय निकाय में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया रोकने और उन सीटों को सामान्य वर्ग के लिए फिर से अधिसूचित करने का निर्देश दिया था।इसके बाद शिवराज सरकार ने मप्र विधानसभा OBC वर्ग को लेकर एक संकल्प पारित किया और फिर रविवार को कैबिनेट बैठक में पंचायत चुनाव निरस्ती का अध्यादेश पर मुहर लगा दी।

No comments:

Post a Comment