रेवांचल टाईम्स - माननीय अपर सत्र जिला न्यायाधीश श्रीमान प्रदीप कुमार वरकडे चौरई की न्यायालय द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 04/20 के आरोपीगण रामकरण पिता केशराम वर्मा उम्र 31 वर्ष , शिवकरण पिता केशराम वर्मा उम्र 26 वर्ष एवं अनीताबाई पति रामकरण वर्मा 26 वर्ष सभी निवासी ग्राम सिरेगांव थाना चौरई को दोषसिद्ध पाते हुये भादवि की धारा 307 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू अर्थदण्ड एवं धारा 324 में 06 माह का सश्रम कारावास एवं 1000 रू अर्थदंड की सजा सुनाई गई। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से पूर्व अपर लोक अभियोजक प्रवीण कुमार मर्सकोले एवं वर्तमान अपर लोक अभियोजक सुदर्शन सोनी के द्वारा पैरवी की गई थी। घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है – दिनांक 06/10/2014 दिन सोमवार को 1 बजे प्रार्थी मीनाबाई अपने पति रामकुमार के साथ खेत गये थे। खेत में कुंए में लगी मोटर को उसका देवर रामकरण और शिवकरण बार-बार मोटर चालू करके अपने खेत में लगी धनिया में पानी बगा रहे थे तब वह और उसके पति रामकुमार ने शिवकरण व रामकरण को कहा कि बार –बार मोटर चालू मत करो खराब हो जायेगी , इसी बात पर से वे उसके दोनों देवर शिवकरण व रामकरण ने उसे और उसके पति को मां बहन की गंदी गंदी गालियां देते हुये शिवकरण ने कुल्हाडी से उसके पति को सिर में पीछे तरफ मारा वह बीच बचाव करने गई तो रामकरण ने परयानो से उसे सिर व हाथ में मारा चोटें आई , मौके पर देवरानी अनिता ने भी आकर उसे व उसके पति को बुरी- बुरी गालियां देकर हंसिया से मारपीट की तथा तीनों ने जान से मारने की धमकी दी । थाना चौरई के द्वारा आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्रमांक 547/14 धारा 307 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया था।
No comments:
Post a Comment