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Saturday, November 6, 2021

सरपंच ने जिन्दा व्यक्ति को मृत घोषित कर आवास सूची से कटवाया नाम.....जांचकर्ता ने सरपंच को पद से हटाने की सिफारिश



जिंदा को बताया मृत सरपंच ने जानबूझकर आवास सूची से मृत बता कर कटवाया नाम, जांचकर्ता ने सरपंच को पद से पृथक की सिफारिश...


रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य मण्डला जिले के अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत नारायणगंज के अधीनस्थ ग्राम पंचायत खैरी मे  जीवित व्यक्ति को पंचायत द्वारा मृत बताकर न केवल उसका सामाजिक अपमान किया गया बल्कि शासन द्वारा लाभप्रद योजनाओं से उसे वंचित भी रखा गया। फरियादी मुरली चक्रवर्ती ने अपनी व्यथा लगातार शासन-प्रशासन को एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बताई लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।


 रेवांचल टाईम्स में खबर प्रकाशन के बाद जगा विभाग वही विभाग इस संबंध की खबर का जिस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुये पूरे मामले की जांच के आदेश दिये जांच कर रहे अधिकारी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नारायणगंज को अपना प्रतिवेदन सौंपा है। जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख है कि वर्ष 2011 की प्रधानमंत्री आवास सूची में मुरली का नाम था लेकिन 05 मई 2016 को सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बीसी जनपद पंचायत नारायणगंज के संयुक्त हस्ताक्षर के अनुसार प्रार्थी को मृत बताकर सूची से नाम हटा दिया गया।


सरपंच ने प्रार्थी को मृत बताकर सूची से नाम हटा दिया-


सरपंच सचिव द्वारा कहा गया कि यह त्रुटिवश हुआ है। सरपंच ने बताया कि प्रार्थी 2016-17 में ग्राम में निवासरत नहीं था जिससे रोजगार सहायक द्वारा फीडिंग कराते समय त्रुटिवश बाहर की जगह मृत कर दिया गया लेकिन जांच के दौरान तथ्य सामने आये कि शिकायतकर्ता का नाम सरपंच द्वारा जानबूझकर मृत दर्ज करवाकर उसे आवास सूची से हटाया गया।


प्राथी जो कि 40 प्रतिशत विकलांग है इसे पंचायत स्तर से विकलांग पेंशन भी दी जा रही है। जांचकर्ता मोहन लाल पन्द्रो पीसीओ ने जांच प्रतिवेदन में यह उल्लेखित किया है कि सुनील कुमार मरकाम सरपंच के द्वारा 15 फरवरी 2021 के प्रतिवेदन एवं 22 अक्टूबर 2021 के प्रतिवेदन से स्पष्ट हो रहा है कि सरपंच आपसी बैरभाव के चलते शिकायतकर्ता का नाम हटवाने में रूचि रखकर नाम हटवाया गया जो कि सरपंच द्वारा अपने अधिकारों का गलत उपयोग किया गया


लिहाजा लोक हित में उनका सरपंच पद पर बने रहना उचित नहीं है। इस प्रतिवेदन के बाद देखना होगा कि सीईओ जनपद पंचायत इस पर क्या कार्यवाही करते हैं।


क्या थी शिकायत –


जिले की जनपद पंचायत नारायणगंज की ग्राम पंचायत खैरी जहां मुरली चक्रवर्ती पिता स्वर्गीय श्याम लाल चक्रवर्ती ग्राम  खैरी में मुरली चक्रवर्ती को  ग्राम पंचायत ने मृत घोषित कर शासकीय योजनाओं के लाभ वंचित किया गयाए जबकि मुरली चक्रवर्ती जीवित अवस्था में स्पष्ट फोटो बयां कर रही है


मुरली को हाथी पांव की बीमारी काफी दिनों से है। मुरली घर का मुखिया है इनके साथ इनकी पत्नी तीन बच्चे एवं बृध्द मां रहती है। ये परिवार मजदूरी कर आपनी जीविका चला रहा है।


ग्राम पंचायत द्वारा ऐसे गरीब विकलांग व्यक्ति को जीवित अवस्था मे मृत बताकर शासन की सभी हितकारी योजनाओं से बेदखल किया गया। जिसके चलते आज पीड़ित को पीएम आवास लाभ नही मिल सका।


पीड़ित का कहना है कि ग्राम पंचायत खैरी पूर्व सचिव मंगल सिंह मरावी वर्तमान सरपंच सुनील मरकाम के द्वारा मेरा नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से सन् 2016 में मृत बताकर हटा दिया गया।


जबकि आज मे जीवित अवस्था में हूँ। उन्होंने पूरा दोष सरपंच एवं सचिव का बताया है कि अगर मुझे मरा न बताया होता तो मेरा अब तक आवास बन गया होता। पंचायत की गलती की सजा मुझे एवं मेरे परिवार को मिल रही है।


इनका कहना है –


      हितग्राही को मृत बताकर जिस तरह से उसका नाम आवास सूची से हटाया गया इसकी पूरी जांच कराई गई जांच प्रतिवेदन जनपद पंचायत में जांचकर्ता द्वारा दिया गया जिसे मेरे द्वारा उचित कार्यवाही के लिये जिला पंचायत भेज दिया गया है अब किसके विरूद्ध क्या कार्यवाही होगी यह जिला पंचायत में ही तय होगा।

                मुख्यकार्यपालन अधिकारी

          जनपद पंचायत नारायणगंज 

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