रेवांचल टाईम्स - विकास खण्ड मोहगांव अंतर्गत मण्डला और डिंडोरी मार्ग के बीच में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्रद्धालुओं का भीड़ उमड़ी प्रतिवर्ष देवगांव संगम में कार्तिक पूर्णिमा में धूमधाम से मनाई जाती है मड़ई l मध्य प्रदेश के मण्डला जिले से 45 किलो मीटर दूरी पर स्थित देवगांव संगम जो प्राचीन काल (समय) से जगदम्नि आश्रम परशुराम पिता का तापो भूमि है I यह शिवलिंग अत्यंत अद्भुत है कार्तिक पूर्णिमा में नर्मदा एवं बुड़नेर, सरस्वती नदी संगम को देखने के लिए श्रद्धा भक्तों के साथ कार्तिक पूर्णिमा मनाया गया l नर्मदा के संगम घाट देवगांव स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही सुबह से रात तक धार्मिक अनुष्ठान किए गए l
कार्तिक पूर्णिमा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी शुक्रवार को कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि में विधिव धार्मिक आयोजन किया गया यूं तो संपूर्ण कार्तिक माह को बहुत ही पवित्र और धर्म कर्म को लेकर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है l लेकिन इसमें पूर्णिमा तिथि का महत्व और भी अधिक बताया गया है l देवगांव संगम घाट में कार्तिक महिने की पूर्णिमा तिथि को दीपदान पूजन हवन और भंडारा के साथ किया गया l
चंडी लेकर पहुंचे आदिवासी समुदाय के लोग अहीर बैगा गोंड आदि जनजाति के लोगों ने अपनी अपनी वेशभूषा में कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने पहुंचे l
यह मडई प्रतिवर्ष यहां देव उठानी ग्यारस के बाद ही लगती है इस मड़ई में बैगा जनजाति चंडी देवी मृदंग और बैंड बांसुरी लंगड़े ताल नाचते झूमते अहीरों ने चंडी घुमाने के बाद में अपनी पोशाक उतार देते हैं कार्तिक पूर्णिमा के दिन मड़ई क्षेत्र में पहुंचे ग्रामीण जन देवगांव सुड़गांव उमरिया रैयगांव सलीवाड़ा सिंगारपुर पौंडी लिंगा , मुनू कुडोपनी हर्रा टिकूर निधानी मण्डला डिंडोरी सिवनी बालाघाट आदि जगह से श्रद्धालु पहुंचते हैं l
तीरथ स्थल देवगांव संगम तट नर्मदा, बुड़नेर, सरस्वती नदियों का संगम
श्री जमदग्नि ऋषि मुनि तीरथ परिक्रमा घूमने वाली बाबा जी श्रद्धालुओं को हो रहे हैं परेशान टूरिस्ट बोर्ड टूटने के कारण आगे बढ़ जाती परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु सही जगह पर नहीं पहुंच पाते सही जगह जाने के लिए दुबारा लौट के आना पड़ा रहा है यह बोर्ड 6 महीने से टूटा पड़ा है l यदि टूरिस्ट बोर्ड लग जाए तो परिक्रमा श्रद्धालु निश्चित जगह पर सही समय में पहुंच जाएंगे सेन बोर्ड टूट जाने की वजह से श्रद्धालु जन्य टूरिस्ट आने-जाने वाले परेशानी का सामना कर रहे हैं l
देवगांव संगम जो की बहुत ही पुराना तीरथ स्थल है जो कि मण्डला जिले से 45 किलोमीटर दूरी पर स्थित देवगांव संगम नर्मदा और बड़नेर सरस्वती नदी की मिलन हुआ है l
बताया जा रहा है कि श्री जमदग्नि ऋषि आश्रम कामधेनू जंगल में था जो की एक गाय के पैर का पानी हो या प्रसाद कभी भी समाप्त नहीं होता था l देवगांव सुड़गांव के बीच में एक कामधेनू गाय का वासना हो रही थी जो की जमदग्नि ऋषि मुनि के साथ में रहती थी सरस्वती नदियों का मिलन को देवगांव संगम नाम पड़ गया है
आपको अगर देवगांव संगम घाट मंदिर में पहुंचना है, तो आपको मंडला से डिंडोरी वाली हाईवे रोड पर चलना होता है। आपको यहां पर देवगांव नाम का एक गांव मिलता है। मेन रोड में ही आपको बोर्ड देखने मिलता है। उसमें देवगांव तीर्थ स्थल का नाम लिखा रहता है और आपको डारेक्शन दिया होता है। आपको इस बोर्ड से करीब एक से 2 किलोमीटर गांव की तरफ अंदर जाना पड़ता है। मेन रोड से आप इस तीर्थ स्थल तक पहुंच सकते हैं। आपको इस तीर्थ स्थल में मंदिर देखने मिलते हैं। नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा आप यहां से बुढनेर नदी को भी देख सकते हैं। हम लोग गलत साइड चले गए थे। तो हम लोगों को यह सब मंदिर देखने नहीं मिला था। मगर आप अगर जाते हैं तो आप सही साइड से जाइएगा। ग्रामीण जन कृष्ण कुमार झरिया, विवेक हेमंत झरिया, कोमल अमित दरबारी शिवकुमार वरकड़े आदित्य गोतम राजेंद्र नंदा पुलिस टीम मोहगांव मड़ई में आदि लोगों का सहयोग रहा l
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