रेवांचल टाइम्स -- कोरोना काल के बाद सब कुछ धीरे धीरे पटरी में आ रहा है वही लगातार लंबे समय से ब्रॉडगेज रेल परिचालन के लिए मंडला एवं नैनपुर नगर की जनता अपनी आवाज और विभिन्न आंदोलन के द्वारा रेल संचालन की मांग करती रही है। लेकिन अंधा बहरा गूंगा प्रशासन आदिवासी क्षेत्र की जनता की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मंडला जिले के भी जनप्रतिनिधि पूरी तरह से सुप्त अवस्था में है। विगत 21 माह से ब्रॉडगेज ट्रेन का संचालन नैनपुर मंडला जबलपुर और बालाघाट में पूरी तरह से बंद है। जबकि यह रेलमार्ग चारों दिशाओं के लिए लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन उसके बाद भी यहां पर विधायक सांसद और राजनीतिक संगठन पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी से लगातार बच रहे हैं। लेकिन अब आम नागरिकों को अपने हक की लड़ाई मांग कर एवं छीन कर लेने की जरूरत है। जिले एवं नगर के समस्त नागरिकों,संगठन,जनप्रतिनिधियों से निवेदन है कि वह कल 21 नवंबर को नागपुर डीआरएम मनेंद्र सिंह उप्पल का नैनपुर आगमन हो रहा है। जिसका रेलवे स्टेशन पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराएं एवं अपने मांग को पुरजोर तरीके से रखें। देखने में आया है कि विभिन्न संगठनों के द्वारा आंदोलन होने के बाद भी नगर की जनता और युवा कभी भी सहयोग के रूप में आंदोलन में साथ नहीं दिए हैं। अब अगर अभी भी सब सोए रहेंगे या सिर्फ व्हाट्सएप के शेर बने रहेंगे तो इसी तरह से अपनी मांग को कभी भी जनहित में पूरी नहीं हो करवा सकेंगे। अब समय आ गया है कि कल डीआरएम को ही विभिन्न संगठनों जनप्रतिनिधियों युवाओं नागरिकों द्वारा उनका विरोध किया जाए। 12 नवंबर को रेल मंत्रालय से भी आदेश जारी हो गए हैं कि कोरोना काल के पहले की जो ट्रेनें हैं। वह यथावत समय पर और उचित दर किराया पर चलेंगी। लेकिन 8 दिन बीत जाने के बाद भी नागपुर डिवीजन से किसी प्रकार की ट्रेन का संचालन नहीं हो रहा है। अपना विरोध दर्ज कराने नैनपुर स्टेशन पहुंचकर अधिकारी का वैधानिक तीव्र विरोध किया जावे। अभी भी नहीं जागे तो सोते रह जाओगे।
नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट
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