रेवांचल टाईम्स–भाजपा नेता समाज सेवा में आगे रहने वाले लोगों के मुसीबत में काम आने वाले मिलनसार व्यक्तित्व के धनी योगेश शिवहरे का पंचायत से ज्यादा लेना देना नही होता मगर राजनीति में अच्छी छवि होने के कारण योगेश शिवहरे लोगों को चुभते भी है इस लिए लोग उनकी छवि धूमिल करने के लिए षडयंत्र रच रहे है।
लेकिन हमेशा सच्चे का बोल बाला और झूठे का मुंह काला होता ही है। ऐसा ही हुआ जनपद पंचायत लखनादौन अंतर्गत ग्रामपंचायत बंजारी में पंचों और ग्रामीणों द्वारा सरपंच के भ्रष्टाचार की शिकायत जिला पंचायत में की गई तो सरपंच व सरपंच पति द्वारा योगेश शिवहरे पर आरोप लगाया दिया गया की शिवहरे पंचों को और ग्रामीणों को बरगला रहे हैं।
मगर सच को आंच कहा बंजारी के पंचों ने ग्रामीणों के साथ आगे आकर इस आरोप को सिरे से खारिज कर कहा गया को योगेश शिवहरे का हमारी शिकायत से कोई लेना देना नही है और उनकी छवि खराब करने के लिए दुर्भावना से यह बात कही जा रही हैं।
साथ ही पंचों ने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि बंजारी सरपंच के ऊपर गवन का आरोप पंचायत के समस्त पंच ने लगाया है उनका कहना है पूर्व में पदस्थ सचिव और सरपंच के द्वारा राशि आहरण कर ली गई और कार्य नही कराया गया । इसका आवेदन जिला पंचायत मुख्यकार्यपालन अधिकारी को दिया गया है सरपंच के द्वारा जो निर्माण कार्य, चैकपोस्ट , कोरोना काल में जो कार्य हुए उसके भुगतान सचिव द्वारा कर दिए परन्तु सरपंच के द्वारा बिल रिजेक्ट कर दिए गए जबकि पंचायत के प्रस्ताव में प्रस्तावित कार्य सबकी सहमति से कराए गए थे । पंचों का आरोप यह भी है कि मासिक बैठक में पंचों द्वारा किसी कार्रवाई को लेकर मांग रखी जाती है तो सरपंच द्वारा आपत्तिजनक शब्द कहे जाते है व पुलिस थाने में झूठी रिपोर्ट करा देने की धमकी दी जाती है महिला आदिवासी सरपंच होने का लाभ उठाकर अन्य वर्ग के लोगों को फंसाने की धमकी दी जाती है और पंचायत के बाहर सरपंच पति आवेदनकर्ताओं को डराने धमकाने का कार्य करता है तथा किसी झूठे केस में फंसाने की धमकी देता है ऐसा आवेदन जिला पंचायत सीईओ के समक्ष प्रस्तुत किया है जिससे कार्यवाही जिला पंचायत में लंबित है ।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट
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