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नगर में दूसरे दिन भी रहा मडई का जोर लोगो ने जमकर की खरीदी





रेवांचल टाइम्स शहपुरा.. कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की

ग्यारस तिथि को हिन्दू मान्यता अनुसार सारे देवता जाग जाते है हिन्दु धर्म की मान्यतानुसार इस तिथि में तुलसी और भगवान शालिगराम का विवाह गन्ने का मंडप बनाकर किया जाता है और इस तिथि के बाद हिन्दुओ के सारे कार्यो की शुरूआत हो जाती है जिसके तहत  नगर मुख्यालय में तुलसी और भगवान शालिगराम के विवाह के साथ मढई का अगाज किया गया ,नगर में भरने वाली मडई दो दिनो की होती है जिसके तहत पहले दिन तो आसपास के लोग इस मडई में आते है व दूसरे दिन जिसे स्थानीय भाषा में गुदरी मडई कहा जाता है इसमें स्थानीय लोगो ने  भी जमकर खरीददारी की और देर शाम तक मडई प्रागंड लोगो की भीड से भरा रहा । मढई के दूसरे दिन स्थानीय लोगो ने जमकर खरीदी की मढई में सबसे ज्यादा कपडे कांदा सिधाडां गन्ना और अन्य चीजो को लोगो ने खरीददारी की इस बाद मडई में ज्यादा भीड भाड नजर आई चूकि कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष मडई का आयोजन नहीं हुआ था पर इस बार मडई लगी जिसके कारण मडई में अधिक दुकानदारो ने अपनी दुकान लगाई और जमकर लोगो ने भी खरीददारी है शहपुरा नगर की मडई जिले की पहली मडई होने के कारण दूर दूर से लोग मडई का लुॅफत उठाने शहपुरा नगर की मडई आते है और दो दिनो तक नगर में मडई का आयोजन चलता रहता है शहपुरा मडई के बाद पूरे तहसील में व जिले में अलग अलग तिथियो को मडई का आयोजन होने लगेगा

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