अहमदनगर: महाराष्ट्र के अहमदनगर में सिविल अस्पताल में आग लग गई थी. इसमें भर्ती 17 में से 11 कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी. इस मामले में एक ऐसी जानकारी लगी है जो हैरान कर देनी वाली है. बताया गया है कि जब कोरोना के आईसीयू वार्ड में आग लगी थी, उस समय मेडिकल स्टाफ चाय और स्नैक्स लेने में व्यस्त था. जानकारी के मुताबिक, आईसीयू वार्ड का पूरा मेडिकल स्टाफ बाहर आकर चाय और नाश्ता कर रहा था. आग लगने के दौरान वार्ड के इंचार्ज भी ड्यूटी पर नहीं आए और न ही उन्होंने अपने न आने की जानकारी किसी को दी.
34 साल के विवेक खटिक ने इस हादसे में अपने पिता को खो दिया. विवेक ने अपनी जान पर खेलकर अपने माता-पिता को बचाने की कोशिश की, लेकिन पिता ने बाद में दूसरे वार्ड में दम तोड़ दिया. आजतक की खबर के मुताबिक विवेक ने उस दर्दनाक हादते के बारे में बताया क उनके 65 वर्षीय पिता ने उन्हें टेबल फैन लगाने को कहा था. विवेक ने बताया कि क्योंकि अच्छा फैन नहीं मिल रहा था, इसलिए वो दोबारा अस्पताल की ओर लौट रहे थे. तभी उन्हें उनके एक दोस्त में आग लगने की जानकारी दी. विवेक ने बिना समय बर्बाद किए तुरंत अस्पताल पहुंचे.
उन्होंने बताया कि चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था. धुंआ ही धुंआ ही था. कोई खिड़की से निकलने की कोशिश कर रहा था. विवेक ने बताया कि जैसे ही वो वार्ड में गए, उन्होंने अपनी मां के चिल्लाने की आवाज सुनी. क्योंकि उस समय धुंआ बहुत था, इसलिए आंखों में जलन भी हो रही थी. विवेक ने पहले तो अपने मां को वहां से बाहर निकाला और उसके बाद पिता को कंधे पर बैठाकर बाहर 200 मीटर दूर पुरानी बिल्डिंग में बने दूसरे वार्ड लेकर गए, जहां उनके पिता ने आखिरी सांस ली.
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