रेवांचल टाइम्स - लांजी मुख्यालय से भिलाई मार्ग पर स्थित20 किलोमीटर की दूरी पर पांठरी पाठ मंदिर में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी जवारा एवं कलश की स्थापना की गई है इस संबंध में पांढरी पाठ मंदिर के पुजारी रेख लाल कावरे द्वारा बताया गया कि पांढरी पाठ माता जी की उत्पत्ति खराड़ी जलाशय मैं 1962 को हुई थी किन्तु माता जी की कृपा से एवं गांव वालों की आस्था को देखते हुए विभाग द्वारा माता जी को पहाड़ी पर स्थापित किया गया
और दिनोंदिन माताजी अपने भक्तों जनों की कष्ट हरण करते रहे धीरे धीरे माता जी का प्रचार होते गया और आज अपने सही स्तंभ खड़ी हुई है यहां पर माता दर्शन के लिए छत्तीसगढ़
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के भक्तजन प्रतिदिन आते रहते हैं
मां पान्ठरी पाठ मन्दीर के गौ माता अपने अपने नाम से जाने जाते हैं
रेवांचल टाइम्स लांजी, बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे
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