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Thursday, October 7, 2021

वेतन नहीं मिलने से तहसील के कर्मचारी परेशान..अधिकारियों की लापरवाही से बाबू गिरी हावी.....





रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला सिवनी की तहसील धनोरा में अक्सर सुर्खियों में बनी रहती है और सुर्खियों में बने रहने का कारण केवल लापरवाही एक बजह है! जिसके कारण न केवल क्षेत्र के आदिवासी किसान बल्कि धनोरा तहसील के कर्मचारी भी प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की वजह से परेशान हो रहे हैं मामला धनोरा तहसील का है जहां 3 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण ग्राम कोटवार परेशान है न केवल ग्राम कोटवारों बल्कि धनोरा तहसील में पदस्थ पटवारियों को भी 2 महीने से वेतन नहीं मिला है जिसके कारण धनोरा तहसील के अंतर्गत पदस्थ पटवारीयो और ग्राम कोटवारों को प्रतिमाह मिलने वाली वेतन घंसौर तहसील के कानूनगो की मेहरबानी के कारण उन्हें नहीं मिल पा रही है ऐसा नहीं है कि घंसौर तहसील में पदस्थ 

कानूनगो की लापरवाही की शिकायत अधिकारियों से नहीं की गई हो पिछले दिनों घंसौर तहसील में पदस्थ पटवारी और धनोरा तहसील के पटवारियों के द्वारा शिकायत ज्ञापन के माध्यम से दी जा चुकी है परंतु कानूनगो पर कार्रवाई करने के बजाए अधिकारी कानूनगो पर मेहरबान है और यही कारण है कि आए दिन वेतन विसंगति और प्रतिमाह मिलने वाले वेतन की समस्याओं को लेकर धनोरा तहसील के कर्मचारी आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं धनोरा तहसील में उपस्थित समस्त कोटवारों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर तहसील धनोरा के नाम धनोरा तहसील के बाबू शक्ति भलावी को ज्ञापन सौंपा गया है

घंसौर तहसील में पदस्थ कानूनगो बेपरवाह इसलिए हैं क्योंकि सिवनी मुख्यालय से उनका स्थानांतरण लखनादौन और फिर लखनादौन से घंसौर कर दिया गया है अब वह हर शिकायत को बखूबी झेल रहे हैं और अपनी लापरवाही को बरकरार रखे हुए हैं वह भी इसलिए कि यदि लापरवाही करने पर फिर सजा मिली तो फिर स्थानांतरण ही मिलेगी और स्थानांतरण यदि हुआ भी तो आप सिवनी छपारा केवलारी या फिर बरघाट होगा और इसी पूरी मनसा के कारण तहसील घंसौर में पदस्थ कानूनगो किसी भी शिकायत को गंभीरता से नहीं लेते यदि लेते हैं तो केवल लापरवाही को जिसका नतीजा है कि धनोरा तहसील के पटवारियों को पिछले 2 महीने से वेतन नहीं मिला तो वही धनोरा तहसील क्षेत्र के कोटवारों को 3 महीनों से उनका पारिश्रमिक वेतन नहीं मिल पाया है ।

धनोरा तहसील के परेशान कर्मचारियों का अब यह कहना है। कि भले ही वेतन मैं और विलंब हो जाए पर लापरवाह कानूनगो पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही करने की आवश्यकता है। ताकि एक लापरवाह कर्मचारी की वजह से तहसील के दर्जनों कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना ना झेलनी पड़े। लगातार वेतन की समस्याओं को लेकर धनोरा तहसील के कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।परंतु प्रशासनिक अधिकारी लापरवाह बाबू पर कार्रवाई करने के बजाय न जाने क्यों मेहरबान है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए और लापरवाह ऊपर कार्यवाही करनी चाहिए।

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