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Thursday, October 7, 2021

ग्राम पंचायत से मुर्दा व्यक्ति माँग रहा है प्रधानमंत्री आवास...







रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में किस हद तक अपना निजी स्वार्थ साधने लोग गिर जाते है और बैठे बैठे बिना जानकारी के ही कागज़ों का पेट भरने के लिए और खाना पूर्ति के लिये कुछ भी कर सकते है जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत का नया कारनामा, सामने आया है जहाँ जिन्दा व्यक्ति को बताया मुर्दा और पीएम आवास की सूची से पंचायत ने मृत घोषित कर नाम काटा...

       मंडला जिले मे शासकीय योजनाओं में आखिर किस हद तक भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया जा रहा जिसका जीता जागता उदहारण है कि कौन को कब मारा दिया जाए ये सब पंचायत में बैठे जिम्मदार अपनी जेब और निजी स्वार्थ के लिये हर सीमा पार कर सकते है।

         वही जिले की अधिकांश पंचायत से शिकायतों या समाचार पत्रों के माध्यम से मिल रहा है। पर जिले में बैठे जिम्मदारों के कॉनो में जू तक नही रेंगती है जिस कारण आज ग्राम पंचायतों में खुलके भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे में गबन किया जा रहा है पर कार्यवाही के नाम मे ज़ीरो।

          किन्तु पंचायत द्वारा किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर देना यह कहीं नही सुना गया होगा। जी हां जिले की एक ऐसी ग्राम पंचायत है जहां जिन्दा व्यक्ति को मरा बताकर उसे शासकीय योजनाओं के लाभ से बंचित रखा गया है। अब इसे क्या कहेंगे ? जिसका जबाव शायद मिलना आसान नही है। ऐसा मामला ग्राम पंचायत खैरी जनपद पंचायत नारायणगंज का प्रकाश मे आया है। जहां जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर उसका नाम प्रधानमंत्री आवास से हटा दिया गया। जो लापरवाही माफी योग्य नही है।


ये है मामला-


         जिले की जनपद पंचायत नारायणगंज की ग्राम पंचायत खैरी जहां मुरली चक्रवर्ती पिता स्वर्गीय श्याम लाल चक्रवर्ती ग्राम  खैरी में मुरली चक्रवर्ती को  ग्राम पंचायत ने मृत घोषित कर शासकीय योजनाओं के लाभ वंचित किया गया, जबकि मुरली चक्रवर्ती जीवित अवस्था में स्पष्ट फोटो बयां कर रही है  मुरली को हाथी पांव की बीमारी काफी दिनों से है। मुरली घर का मुखिया है इनके साथ इनकी पत्नी, तीन बच्चे एवं बृध्द मां रहती है। ये परिवार मजदूरी कर आपनी जीविका चला रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा ऐसे गरीब विकलांग व्यक्ति को जीवित अवस्था मे मृत बताकर शासन की सभी  हितकारी योजनाओं से बेदखल किया गया। जिसके चलते आज पीड़ित को पीएम आवास  लाभ नही मिल सका।


 पीएम आवास की सूची से मृत बता कर नाम काटा गया-


    पीड़ित का कहना है कि ग्राम पंचायत खैरी पूर्व सचिव मंगल सिंह मरावी, वर्तमान सरपंच सुनील मरकाम के द्वारा मेरा नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से सन् 2016 मे मृत बता कर हटा दिया गया। जबकि आज मे जीवित अवस्था मे हूँ। उन्होंने पूरा दोष सरपंच एवं सचिव का बताया है कि अगर मुझे मरा न बताया होता तो मेरा अब तक आवास बन गया होता। पंचायत की गलती की सजा मुझे  एवं मेरे परिवार को मिल रही है। 


 पीड़ित द्वारा कहां-कहां की गई शिकायतें-


   मुरली चक्रवर्ती ने बताया कि मेरे द्वारा ग्राम पंचायत खैरी, जनपद पंचायत नारायणगंज, जिला पंचायत मण्डला एवं सीएम हेल्पलाइन मे भी शिकायत की पर  कहीं सुनवाई नहीं हुई। वहीं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता गया चक्रवर्ती  के द्वारा भी ग्राम सभा में अवगत कराया गया था इसकी लिखित शिकायत की गई थी और आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई । जिले के सांसद एवं केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के संज्ञान मे मामला लाया गया था तो उन्होंने कहा था अगर सरपंच सचिव किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार करते हैं तो उनके ऊपर कठोर कार्यवाही की जावेगी। महोदय अब इस विषय पर चिंतन करेंगे कि एक गरीब परिवार के मुखिया को मृत घोषित कर कई वर्षों से सरकारी योजनाओं से वंचित किया गया है। जिसके कारण आज वह परिवार दर-दर भटक रहा है। 


पंचायत के जबावदारों का कहना है-


जब इस संबंध मे ग्राम पंचायत सरपंच सुनील मरकाम से पूछा गया तो उन्होंने ने कहा की कम्पयूटर से गड़बड़ी होने के कारण उनको मृत बताया गया है। उन्होंने ने यह गलती को स्वीकार किया और बताया कि मुरली द्वारा शिकायत जिला पंचायत और कलेक्टर के पास की गई थी और हमें नोट भी मिला था जिसका जबाव हमने दे दिया है। और हम उसका नाम पीएम आवास की सूची मे जोड़ने के लिए जनपद पंचायत को सूचित कर दिये हैं।


जिन्दा को मुर्दा बताना और शासकीय योजनाओं से बंचित रखना-


 मुरली चक्रवर्ती को पंचायत द्वारा जीवित अवस्था मे मुर्दा बताकर उसका नाम आवास सूचना से अलग कर दिया गया। जो वर्तमान मे जीवित अवस्था मे है। और आज पंचायत की यह गलती  के कारण पीड़ित को आवास का लाभ नही मिला। तथा शासन की अनेकों योजनाओं से दूर रखा गया। जो पंचायत की घोर लापरवाही नजर आ रही है। जो जांच का विषय है।

 वहीं मुरली चक्रवर्ती ने शासन से न्याय की गुहार लगाते हुये पीएम आवास की मांग की है। एवं  जांच करवाकर दोषियों के ऊपर कार्यवाही की मांग की है।


इनका कहना है-

             मेरे द्वारा ग्राम पंचायत को मासिक बैठक मे लिखित पत्र देकर बताया गया था कि मुरली मरा नही है वह जीवित है और उसका आवास सूची से नाम अलग न किया जाये ग्राम पंचायत के जिम्मदारों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते जिंदा को कागजों में मृत घोषित कर दिया है।


                          गया चक्रवर्ती

                 प्रशासनिक समिति सदस्य, ग्राम पंचायत खैरी,

                   जनपद  पंचायत नारायणगंज,


        आपके द्वारा मुझे मामला संज्ञान मे लाया गया है जिसकी तत्काल जांच करते हुये दोषियों के ऊपर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।


                           तेज बहादुर सिंग

                     मुख्यकार्यपालन अधिकारी,

             जनपद पंचायत नारायणगंज, मण्डला

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