रेवांचल टाइम्स - आज ग्राम बोरिया के ग्वारी रैयत जहा नारायणगंज से 4 किलो मीटर दूरी है जो कि ग्राम पंचायत सिकोसी ग्राम के पोषक ग्राम बोरिया में जहां पर आजादी के 70 दशक बाद भी इस गांव आज भी आवागमन से वंचित है! । जिस से आपातकालीन सेवा स्वस्थ सुविधा के लिए एम्बुलेंस या अन्य गाड़ी उस गांव तक नही पहुंच पा रही । इस गांव में आने जाने की इतनी दुर्दशा है कि लोग पैदल चलने में अपनी जान हथेली में रख कर वर्षा काल में चलना पड़ता है ।
पास में शिक्षा भवन नही होने से बच्चों को दूसरे गांव स्कूल जाने में नदी नाला पार करके जाना होता है । स्वास्थ शिक्षा रोजगार सुविधा हेतु बहुत पैदल चल कर नदी पार करना पड़ता है । वर्षा के समय में नदी का बाढ़ आ जाती है फिर लोग मजबूर हो कर बाजार हाट, बीमार पड़ने पर एवं अन्य मजदूरी जैसे अन्य कार्यों को लेकर नदी पर बरगी बाँध का ठेल लाभा लभ पानी होने के वजूद भी लोगों विपरित परस्तिथियो को सामना करना पड़ता है और आना जाना करते है । इस गांव में बीमार से लाचार कई लोगों ने आपने दम तोड दिए आने जाने की साधन न होने से समय में अस्पताल तक नही पहुंच पाए ।
और गाओ की समस्त समस्याओं को ग्रामीणों के सहयोग से भारतीय आम नागरिक देश संघर्ष युवा संगठन के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर सड़क मार्ग निर्माण पुलिया निर्माण की माग कर मुख्य कार्य पाल अधिकारी के नाम सौपा विज्ञापन, ज़नपत कार्य यालय उपस्थित युवा संगठन कार्यकर्ता सूरज उईके अमर सिंह मरावी, जितेन्द्र कुलस्ते दुर्गेश सिंगरोरे लोधी दुर्गेश उईके , काशी, ओम प्रकाश, विरान, बबलू सोयम, सोमनाथ छात्रपाल मरावी, चंदन उइके , लोहारमन उईके , सुख चेन मार्को रेवा सिह उईके रामदयाल उद्दे, राम कुमार, लामू सिह, शंकर लाल गोठरियाँ रवि मार्को, रेवत वरकड़े, सुनील ऊईके, मातृ शक्ति से सरोज बाई, मीरा बाई मुन्नी बाई ने नेतृत्व किया और समस्त बोरिया ग्रामीणों का जाम कर सहयोग मिला!
*ग्रामीणों की समस्याओं का निकला समाधान*
संगठन के नेतृत्व में जब धरना-प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने जनपद मुख्य कार्यपाल अधिकारी,उपमंत्री के आवेदन प्रस्तुत किया तब उपरांत चेक डेम का आश्वासन मिला और माननीय तहसील दार महोदया जी से रोड का नया रोड मेप तैयार कर किसानो की जमीन अधिग्रहण करने का आश्वासन मिला!
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