रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अंतर्गत आने वाले नगर परिषद भुआ बिछिया के द्वारा निर्मित 48 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में नगर परिषद द्वारा मनमाने ढंग से स्वयं के नियम बनाकर दुकाने नीलाम की जा रही है। दिन आये दिन उसमे विवाद बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला क्र 37 की दिव्यांग जन कोटे की दुकान का है, जिसमे सीएमओ की लापरवाही के कारण एक अपात्र व्यक्ति अनीश खान को बोली लगाने का अधिकार दिया गया, जबकि बोली के नियमों के अनुसार लिफाफा जमा करते वक्त बोलिदार का जिला मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र लिफाफा जमा करने के दिनांक के पूर्व का होना चाहिये, जो कि नही था। तत्सम्बन्ध में विवेक कुमार पाण्डेय निवासी भुआ बिछिया, जो कि दुकान क्र 37 के द्वितीय उच्चतम बोलिदार रहे, उनके द्वारा अनीश खान के फर्जी विकलांग पत्र के विषय मे सीएमओ को दिनांक 17 सितम्बर2021 को लिखित आपत्ति की गई, जिसका जवाब आज तक सीएमओ द्वारा नही दिया गया। तब आपत्तिकर्ता विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा सीएमओ से इस विषय मे बात की गई, तो सीएमओ ने आश्वाशन दिया कि उक्त विषय को परिषद की बैठक में लेंगे और परिषद जो निर्णय करेगी वो सर्वमान्य होगा, किन्तु दिनांक 11 अक्टूबर2021 की परिषद की बैठक में सीएमओ द्वारा अपना पुराना तानाशाही रवैया अपनाते हुए क्र 37 की दुकान के मामले में परिषद की चर्चा को पूर्णतः दरकिनार करते हुए कलेक्टर महोदय से मार्गदर्शन लेने की बात कहकर विषय को टालने के प्रयास किये गए।
इस प्रकार नगर परिषद सीएमओ द्वारा नगर परिषद में दुकान के मामलों में मनमाने तरीके से स्वयं निर्मित नियमों को लागू कर कार्य किया जा रहा है।
इसीलिए उक्त मामले अब न्यायालय की शरण मे जाने की ओर है, क्योकि सीएमओ संजय नरूला अपने पद का मनमाने तरीके से दुरुपयोग करने में माहिर समझ मे आ रहे हैं।
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