रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले में वैसे तो कान्हा राष्ट्रीय उद्यान पूरे विश्व में जंगल की खूबसूरती और जानवरों के लिए मशहूर है लेकिन बीते कुछ दिनों से जानवरों की तश्करी, नक्सली मूवमेंट की खबरें, एंट्री गेट में चल रही गड़बड़ियां,फॉरेस्ट एंट्री फीस में हो रही लूट, जंगल में हो रही कई घटनाओं के कारण पर्यटकों का मन ख़राब होने लगा है ।
सरही गेट में हो रही गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के सरही एंट्री गेट में लगातार गड़बड़ी की बात सामने आ रही है । कुछ पर्यटकों ने बताया कि सफारी की टिकट दिलाने के नाम पर जम कर उन्हें लूटा जा रहा है । इसके अलावा गेट पर कोई अधिकारी उपलब्ध भी नहीं रहता है । फॉरेस्ट के नियमो की धज्जियां फॉरेस्ट के अधिकारी और कर्मचारी द्वारा ही उड़ाई जा रही है ।
सरही ज़ोन में हो रही संदिग्ध गतिविधियां
कान्हा के सरही ज़ोन से लगे इलाके में कई बार जंगली जानवरों का मांस पकड़ाया है लेकिन उसके बाद भी वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा कोई खास कदम नहीं उठाए गए हैं ।
अवैध रूप से भी करवाई जाती है सफारी
छत्तीसगढ़ से कान्हा घूमने आए कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि यहां पर अवैध रूप सफारी करवाई जा रही है जिसमें बिना एंट्री दर्ज किए और बिना रसीद के सफारी के बाद रकम का बंटर बांट किया जाता है ।
सरही ज़ोन आने में झिझक रहे पर्यटक
सरही ज़ोन में आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है और इस कमी का कारण बहुत ही अनियमितताएं है जैसे आकस्मिक स्थिति में अधिकारी का उपलब्ध न होना, गेट में अधिक पैसों की मांग करना, सफारी के नाम पर हो रही लूट आदि।
गेट पर बने स्टोर मे नही दिया जा रहा बिल
सरही गेट में कई प्रकार की धांधली हो रही है जिसमे एक विषय यह भी है कि वही गेट पर स्थित एक स्टोर जिसमे फॉरेस्ट की प्रिंट वाली टी- शर्ट, कैप, मैगज़ीन आदि बेची जाती है लेकिन किसी भी ग्राहक को बिल नहीं दिया जाता और बिल मांगने पर स्टोर प्रभारी द्वारा बात घुमा दी जाती है । अब इस बात से स्पष्ट है कि गेट में कैसे कैसे धांधली की जा रही है ।
अधिकारियों के नाते - रिश्तेदारों के लिए नहीं है कोई पावंदी
कान्हा के सरही गेट में सारे नियम सीधे साधे पर्यटकों के लिए है इसके अलावा वन विभाग के कर्मचारियों की चहेतों के लिए कोई नियम नहीं है । कई बार ऐसी बात सामने आई है कि सफारी की टाइमिंग के आधे से एक घंटे बाद भी कई गाड़ियां बापस नहीं आती और फिर पता चलता है कि उसमें तो अधिकारी कर्मचारी के नाते रिश्तेदार घूमने गए थे ।
गेट प्रभारी हमेशा रहता है गायब
वही सूत्रों की माने तो सरही गेट प्रभारी सिर्फ एंट्री के समय कुछ देर के लिए आता है इसके बाद और कई बार तो एंट्री के समय भी वहां उपलब्ध नहीं रहता ।
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