रेवांचल टाइम्स :- सेवा के अपने काम से इतना प्यार बहुत दुर्लभ है। जी हां अगर अपने काम को ही पूजा मान लिया जाए तो कभी कोई थकान आप पर हावी नहीं हो सकती और आप बिना झुंझलाए दोगुने उत्साह उमंग से लोगों की सेवा भी कर सकते हैं। और उनमें भी आशाओं का संचार भर सकते हैं।
हमारे नगर की सेवानिवृत्त नर्स सुलोचना डेहरिया (सीनियर ए.एन.एम.) ने अपने अथक कर्तव्यनिष्ठा से इसे साबित किया है। जो ना सिर्फ परिवार को नित्य प्रेरणा देती है, बल्कि अपने सहकर्मियों और अधिकारियों को भी भौचक और रोमांचित करती है।
उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मुंह से बोल कर लोगों को अपने विचारों से प्रभावित जरूर किया जा सकता है, लेकिन कर्मों से उन्हें अपनी राहों में शत-प्रतिशत झुकाया जा सकता है।
1986 का जून महीना था जब इन्होंने नारायणगंज प्राथमिक सेवा केंद्र के डालाखापा (बबलिया) से मानवीयता की अपनी सेवाएं प्रारंभ की और अपनी विशिष्टताओं के चलते देखते ही देखते मरीजों के साथ-साथ अपने सहकर्मियों के दिलों पर राज करने लगीं।
अगस्त 2006 से नैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को इन्होंने अपनी सेवाओं से नवाजा।
कोरोना महामारी के समय जब लोग बाहर निकलने और किसी से मिलने से कतराते थे इन्होंने 62 की अनुभवी उम्र में 26 की उम्र जैसी चपलता, जोश, और जुनून दिखाया जो औरों को भी प्रेरित कर गया।
30 सितंबर 2021 को सेवानिवृत्ति के समय तक आपने बिना थके, बिना छुट्टी लिए अपना मेहनती जज्बा कायम रखा और और तो और जाते-जाते सरकारी अस्पताल को मुख्य द्वार पर लगा एसीपी बोर्ड भी अपनी तरफ से सौजन्य भेंट करते हुए अपनी कर्म स्थली से प्यार का अनूठा उदाहरण पेश किया।
आप यूं ही हमेशा स्वस्थ, प्रसन्न,और खुश रहें और अपनी अन्य जिम्मेदारियों का भी यूं ही निर्वहन करें।
सभी सिविल हॉस्पिटल कर्मचारी स्टाफ ने इन्हें ऐसी शुभकामनाओं के साथ बेदाग सेवानिवृत्ति की हार्दिक बधाई दी।
✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️


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