BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
ग्राम बड़गांव में माता-पिता ने जन्म के बाद नवजात शिशु को कपड़े में लपेटकर फेंका, सूचना मिलते ही मौके पर पंहुची पुलिस... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Tuesday, September 21, 2021

ग्राम बड़गांव में माता-पिता ने जन्म के बाद नवजात शिशु को कपड़े में लपेटकर फेंका, सूचना मिलते ही मौके पर पंहुची पुलिस...

 




रेवांचल टाईम्स - नवजात बच्ची के आरोपियों पर कार्यवाही होगी या दबा दिया जाएगा मामला

- प्रसव को लेकर जिम्मेदारों पर उठ रही उंगली

     कहते है कि बच्चे अपने माता-पिता की आंखो का तारा होते है लेकिन कलयुग में नवजातों बच्चों को फेंके जाने के मामले अक्सर सामने आते है ऐसा ही एक मामला लांजी पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़गांव क में सामने आया है। जहां बच्ची का जन्म होने के बाद ही उसके माता-पिता के द्वारा उक्त नवजात को दूसरे के घर के पीछे फेंक दिया गया। मामले के संबंध में ग्राम सरपंच राजेश चौरे ने बताया कि लगभग 12 बजे ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई कि गांव के विष्णुटोला निवासी देवलाल पांचे के मकान के पीछे में आज ही जन्मी एक नवजात बच्ची को कपड़े में लपेटकर फेंक दिया गया है, जिसके बाद गांव कोटवार आदि की मौजूदगी में पुलिस को सूचना दी गई और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पंहुची।


- इन पर जिम्मेदारों पर भी हो कार्यवाही

विदित हो इस पूरे मामले में आशा कार्यकर्ता और पोषण आहार वितरण पर जांच की मुहर लगती नजर आ रही है, विदित हो कि गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण आहार वितरित किया जाना आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की जिम्मेदारी है ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित अवस्था में जन्म ना ले। यह आंगनवाड़ी की जवाबदेही है तो फिर विगत 09 माह से गांव में निवासरत उक्त मां को क्यों पोषण आहार नहीं दिया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही अवश्य होनी चाहिए। तो वहीं गांव में प्रसव कराने के लिए आशा कार्यकर्ता की जवाबदेही तय की गई है, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ता को इस बात की जिम्मेदारी इसलिए दी गई है ताकि किसी भी प्रसव के दौरान आने वाली समस्या के समय तत्काल अस्पताल में उपचार की समय पर व्यवस्था की जाए। इस तरह देखा जाए तो जिम्मेदारी से विमुख या सुस्त प्रकार से अपनी डयूटी करने को देखते हुए इस मामले में तत्काल बड़गांव क की आशा कार्यकर्ता व आंगनवाड़ी कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।


- मामले के आरोपियों पर तय हो आरोप

वहीं एक नवजात बच्ची को इस तरह कपड़े में लपेटकर फेंकने के मामले में बच्ची के माता-पिता व संबंधित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रशासन को चाहिए कि सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। प्रशासन द्वारा बालिकाओं के जन्म से लेकर संरक्षण व अन्य प्रकार से सुरक्षा हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे है ऐसे में सोमवार को जन्मी एक नवजात बच्ची को इस तरह छोड़ दिया जाना वाकई नराधमी करतूत है, ऐसे में संबंधित आरोपियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जाएगी, यह देखने वाली बात होगी।


- सिविल अस्पताल में कराया भर्ती

इस मामले में ग्रामीणों व ग्राम सरपंच आदि के द्वारा पुलिस को सूचित किया गया जिसके बाद मौके पर डायल 100 पंहुची और आखिरकार उक्त नवजात बच्ची को सिविल अस्पताल लांजी  लाया गया, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद लगभग 05 बजे के आसपास उक्त नवजात बच्ची की मॉ सिविल अस्पताल लांजी आयी और उसे अस्पताल के प्रसव कक्ष में भर्ती कराया गया, लेकिन यह सवाल अपनी जगह यथावत बना रहा कि आखिर गर्भवती महिला का प्रसव किसने किया और किस अवस्था में कराया गया? और इस पूरे मामले में गैर जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही होगी और किस किसकों आरोपी बनाकर आरोप तय किए जाएंगे या फिर इसी तरह नवजात बच्चियों पर सुरक्षा का खतरा मंडराता रहेगा।


रेवांचल टाइम्स लांजी, बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे

No comments:

Post a Comment