रेवांचल टाईम्स - जानकारी के अनुसार शासकीय शिक्षक जो कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ साथ अपनी निजी किलिनिक चला कर लोगो का ईलाज भी कर रहा वही न ही उसके पास न कोई डिप्लोमा है और न ही कोई डिग्री है फिर भी खुलेआम अपनी निजी किलिनीक में ईलाज कर रहा है।
यह मामला है ग्राम पंचायत कुबरा का जहां शिक्षक विवेक चतुर्वेदी के द्वारा अवैध तरीके से अपने घर में क्लीनिक संचालित कर क्षेत्रवासियों के जान से कर रहे हैं खिलवाड़ जबकि बी एल ओ का कार्य यही साहब करते हैं और अपने ही घर में क्लीनिक संचालित कर क्षेत्रवासियों के जिंदगी के साथ कर रहे हैं खिलवाड़ उनकी पत्नी आशा कार्यकर्ता पद में है पदस्थ उन्ही दवाइयों का उपयोग कर क्लीनिक संचालित करके बाकायदे फीस ले कर। कर रहे हैं दवाइयां मरीजों का। अब देखना यह मीडिया में बात आने के बाद शासन प्रशासन के द्वारा क्या कार्रवाई की जा रही है और यह कब तक अवैध तरीके से एक शिक्षक हो के कब तक क्लीनिक संचालित कर और वकायदे फीस लेकर गरीबों से दवाइयां की जाएगी जबकि विवेक चतुर्वेदी एक बीएलओ के पद पर पदस्थ हैं जबकि विवेक चतुर्वेदी की पत्नी आशा कार्यकर्ता है


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