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Monday, September 13, 2021

पंचायत में फर्जीवाड़ा कर सचिव बना करोड़पति सचिव बनकर करोड़ों की सम्पत्ति बटोर बैठे...



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य मण्डला जिला मुख्यालय की नजर में सबसे पहले आने वाले जनपद पंचायत मण्डला के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरखापा में करोड़पति सचिव का मामला सामने आया है, जिले के सबसे नजदीक होने के बावजूद भी गांव विकास में पाबंदी लगाने का कारण जब ग्रामीणों को पता नही चल पाया तो ग्रामीणों ने सरपंच से अपनी गुहार लगाई वहीं सरपंच ने स्पष्ट कर दिया कि सचिव साहब का कहना है कि पंचायत में वजट नहीं है इसी बात की गुहार जब सचिव से की गई तो सचिव ने भी सरपंच की बात की पुष्टि कर डाली। ग्राम पंचायत सेमरखापा में सड़क और नाली को लेकर आये दिन विवाद हो रहा है तो वहीं पेयजल की समस्या इतनी चरम सीमा तक पहुंच चुकी है कि लोगों को अपने निजी खर्चे में पानी टेंकर लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। वहीं गांव की समस्या और निर्माण एवं सुधार-विकास कार्यों को लेकर जब ग्रामीणों ने अपनी समस्या ग्राम पंचायत में रखी तो सरपंच-सचिव ने गांव की समस्या और विकास से अपना हाथ खींचते हुए कम शब्दों में पंचायत में वजट नहीं है कहकर लोगों को चलता कर दिया।

वजट का हवाला देकर सचिव बना करोड़पति

ग्राम पंचायत सेमरखापा में पदस्थ सचिव धरमदास बैरागी अभी सुर्खियों में बने हुए हैं, ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत सेमरखापा में विकास कार्यों को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा राशि प्रदाय की गई थी जिसको सचिव के द्वारा पंचायत के सरपंच-उपसरपंच, के साथ एकजुट होकर गांव का विकास ना करके अपना स्वयं का विकास कर लिया गया है। ग्राम पंचायतो सेमरखापा में पदस्थ सचिव धरमदास बैरागी के आज आय से अधिक सम्पत्ति होना इस बात का खुलासा करने में अपनी स्पष्टीकरण दिया जाना है। सचिव का बेटा एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं जिसके इलाज में लाखों रुपए वार्षिक खर्च होता है, बावजूद इसके एक आलीशान महलनुमा मकान,आधा दर्जन लग्जरी कार-वाहन, घर में सोने-चांदी जवाहारात और वहीं जिले के लगभग सभी बैंकों में अलग-अलग नामों से खाता खोलकर करोड़ों रुपए जमा करना एक सचिव की पगार से इतनी सम्पत्ति का जमावड़ा एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा करने में नहीं चूक रहा है।

सूचना का अधिकार ने किया भ्रष्टाचार का खुलासा

ग्राम पंचायत सेमरखापा में पदस्थ सचिव धरमदास बैरागी के द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति का होना एवं गांव के विकास कार्यों में प्रतिबंध लगाने के साथ ही शासन-प्रशासन के किये जा रहे प्रधानमंत्री आवास, शौचालय एवं गांव के हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता में लापरवाही तथा भ्रष्टाचारी का मामला प्रकाश में आया तो गांव के एक निवासी के द्वारा ग्राम पंचायत के वजट के अंतर्गत निर्माण कार्यों, गुणवत्ता, स्वीकृत-लागत, निविदा और अन्य आवश्यक जानकारी मांगकर ग्राम पंचायत सचिव धरमदास बैरागी के द्वारा किये गये भ्रष्टाचार का मामला का खुलासा किया गया। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत सेमरखापा सचिव के द्वारा सरपंच, उप-सरपंच के साथ-साथ यार-दोस्तों के निजी खाते में उन कार्यों का भुगतान कर दिया गया है जो कार्यों का गांव में नाम पता ही नहीं है। कागजों में जिन कार्यों के निर्माण के लिए मटेरियल क्रय कर संबंधित को भुगतान किया गया है उन मटेरियल्स एवं निर्माण कार्यों कार्यों का वास्तविकता का पता ही नहीं है और संबंधित को भुगतान कर दिया गया है। वहीं ऐंसे लोगों को ठेकेदारों के चोला पहनाकर उनसे फर्जी बिल लेकर भुगतान किया गया है जो ना कभी ठेकेदारी किये हैं ना ही उनके पास कोई फर्म है। ग्राम पंचायत सेमरखापा में निर्माण कार्यों के लिए मटेरियल एवं निर्माण कार्य करने को नवीन पटेल के नाम से लाखों रुपए भुगतान कर दिया गया है जबकि नवीन पटेल के पास फर्म और ठेकेदारी तो दूर मोटर साइकिल तक नहीं है। नवीन पटेल का उपसरपंच के साथ करीबी सम्बन्ध है। वही ग्राम पंचायत मे जिम्मेदार कर्मचारी और प्रतिनिधियों के एकजुट होकर फर्जी कार्यों को दर्शाकर एक मामले का खुलासा हुआ है कि फर्जीवाड़ा कर यहां तक अपनी हद पार कर दिया गया कि अन्य ग्राम पंचायतो के निर्माण कार्यों की फोटो संलंग्न कर फर्जी बिल-बाउचर बनाकर सचिव के द्वारा अपने स्वयं के खाते में भुगतान जमा करने का फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। इस तरह फर्जी रुप से किये गये समस्त निर्माण कार्यों के भुगतान और पंचायत में होने वाले भ्रष्टाचार का मामला जब सामने आया तो गांव वालों के द्वारा ग्राम पंचायत सेमरखापा सचिव धरमदास बैरागी को पदस्थ ग्राम पंचायत से हटाने की मांग को लेकर आला अधिकारियों के पास जाकर निवेदन किया गया तो आला अधिकारियों के द्वारा संबंधित सचिव की सेवानिवृत्ति का एक वर्ष से कम समय होने को लेकर पदस्थापना बदलाव इंकार कर दिया गया।तो वहीं ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है आगामी एक माह के भीतर संबंधित सचिव के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार एवं गांव के विकास में शासकीय योजनाओं की कमी बताकर गांव के निर्माण कार्यों हुई समय की हानि के साथ-साथ सरकार नाकामी बताकर फर्जीवाड़ा रूप में कागजों में गांव का विकास बताकर अपनी तिजोरी भरने के साथ-साथ गांव के विकास में प्रतिबंध लगाकर जो जनहानि की गई है उसका मुआवजा संबंधित सचिव से बसूल किया जावे तथा संबंधित भ्रष्टाचारी सचिव के शासन-प्रशासन द्वारा दण्डात्मक कार्यवाही किया जावे।

इनका कहना है----

  01-सचिव धरमदास बैरागी के कीसी भी निर्माण कार्यों में पंचायत में वजट नहीं है कहकर कार्यों को टाल दिया गया,और वहीं बाद में पता चला कि उन कार्यों को कागजों में पूर्ण बताया जाता है।

पवन श्रीवास

निवासी सेमरखापा।

ग्राम पंचायत में फर्जी तरीके से कार्यों को पूर्ण बताकर स्वयं एवं अपने रिश्तेदारों के निजी खाते में भुगतान कर लाखों का फर्जीवाड़ा किया गया है।

विवेक पटेल

निवासी सेमरखापा

03-सूचना का अधिकार के तहत जानकारी निकाली गई जिसमें एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है जहां सचिव, सरपंच, उप-सरपंच के द्वारा उन कार्यों का भुगतान किया गया है जो कार्यों का गांव में नामों-निशान नहीं है।

                           अजीत पटेल

                      आवेदक आर.टी.आइ.

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