रेवांचल टाइम्स | पर्यावरण बचाओ अभियान के अन्तर्गत पर्यावरण जन संसद कार्यक्रम 9 सितंबर को भोपाल में आयोजित था।उक्त कार्यक्रम में शामिल हो के लिए जादव पायेंग,असाम से भोपाल आए थे।उन्हे मध्यप्रदेश की बक्सवाह हीरा खनन और बसनिया बांध से उजङने वाले जंगल की जानकारी लगी।उन्होनें इस सबंध में 14 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बक्सवाह हीरा खनन परियोजना पर रोक लगाने और बसनिया बांध को निरस्त कर माइक्रो सिंचाई परियोजना बनाने हेतु आग्रह किया है।उन्होने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि नर्मदा नदी पर आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में प्रस्तावित बसनिया बांध से 8780 हेक्टेयर में सिंचाई होगा और 6343 हेक्टेयर जमीन डूब में आएगा।जिसमें 2107 हेक्टेयर घना जंगल डूब में आएगा।अतः उपरोक्त परियोजनाओ से करोङो पेङ,जीव-जंतु, वनस्पति आदि नष्ट होगा।आज ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज की समस्याओ से दुनियाभर के वैज्ञानिक चिंतित हैं।आपसे प्रार्थना है कि इन परियोजनाओ पर हस्तक्षेप कर उक्त जंगलो को बचाने की कृपा करें।ज्ञात हो कि
जादव पायेंग अकेले दम पर, आसाम में 1360 एकड़ रेतीली भूमि पर जंगल खड़ा कर देने वाले भारत के वनपुरुष और पद्मश्री जादव से सम्मानित हैं। इनके प्रयासों से आज इस जंगल में 5 बंगाल टाइगर ,100 से ज्यादा हिरन,
जंगली सुअर, 150 जंगली हाथियों का झुण्ड , गेंडे और अनेक जंगली पशु का निवास स्थान बन गया है ।


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