मुक्त साहित्य मंच की ऑनलाइन विचार गोष्ठी हुई संपन्न... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Monday, September 13, 2021

मुक्त साहित्य मंच की ऑनलाइन विचार गोष्ठी हुई संपन्न...





रेवांचल टाईम्स - मंडला नगर की महिलाओं ने 11/9/ 21 दिन शनिवार को मुक्त साहित्य मंच ने विचार गोष्ठी का आयोजन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मनोरमा दीक्षित और विशिष्ट अतिथि के रूप में अनिता गोयल को सम्मानित किया गया ।

साहित्य समाज का दर्पण है इस बात को चरितार्थ करते हुए समाज और राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए कुछ बिंदुओं पर साहित्यकारों को अपने विचार अभिव्यक्त करने थे शासकीय प्राथमिक शाला शासकीय चिकित्सालय वर्तमान राजनीति एवं हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती का पूजन तत्पश्चात सरस्वती वंदना अर्चना जैन के द्वारा सु मधुर स्वर में प्रस्तुत की गई

      श्रीमती निशा मिश्रा ने अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा" व्याकरण शब्दकोश से समृद्ध मेरी राष्ट्रभाषा हिंदी है । श्रीमती सरोज पांडे बबलिया द्वारा राजनीति पर सुंदर कटाक्ष प्रस्तुत किया गया आया चुनावी मौसम । डॉक्टर इन्दू मिश्रा ने हिन्दी को अब तक राष्ट्रभाषा घोषित न किए जाने पर अपना खेद प्रकट करते हुए कहा हिन्दी को पहले राजकाज की भाषा बनाना आवश्यक है। अनिता गोयल जी द्वारा वर्तमान राजनीति पर पक्ष और विपक्ष राजनेताओं की स्वार्थपरता पर अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया। श्रीमती अर्चना जैन जी ने वर्तमान राजनीति पर कटाक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कर जाना चाहो ऊपर तुम एक-एक सीढ़ी कर मत चढ़ना धर लेना स्वांग स्वान का मालिक के तलवे चाटना । कार्यक्रम की अध्यक्षता में थी मनोरमा दीक्षित द्वारा हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा प्राण मन अभिमान है । सुनाकर सबको भावविभोर किया श्रीमती प्रीति दुबे ने प्राथमिक शिक्षा को भौतिक समाज की रीड बताते हुए सरकार के नवाचार और जमीनी  हकीकत में अंतर प्रस्तुत किया   । श्रीमती योगिता चौरसिया ने हिंदी पर अपने विचार व्यक्त किए। श्रीमती अनिता दुबे जीने शिक्षा और वर्तमान राजनीति पर संक्षिप्त विचार प्रस्तुत किए। रश्मि मिश्रा ने शासकीय प्राथमिक शारदा की जर्जर अवस्था पर अपने विचार व्यक्त किए प्रतिमा बाजपेई वर्तमान राजनीति पर काव्य प्रस्तुत किया नबनीता दुबे नए हिंदी पर  अपने विचार रखें रेखा ताम्रकार भी उपस्थित हुईं अर्चना जैन द्वारा सारगर्भित समीक्षा और श्रीमती रश्मि मिश्रा द्वारा कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन किया गया।

No comments:

Post a Comment