रेवांचल टाईम्स - यू माने की उज्जैन जो की विश्व का हाई अलर्ट मंदिर होने के साथ-साथ भौगोलिक दृष्टि से भी विश्व का प्रियदर्शी केंद्र बना हुआ है लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो समस्त व्यवस्थाएं प्रशासन के मुंह पर तमाचा मारते नजर आती हैं ऐसा एक मामला पूर्व में होने के बावजूद भी आज दिनांक तक शहर के मुखिया और कप्तान के संज्ञान में नहीं आया जहां लोग छोटे से लालच के लाभ में अपने मकान को क्रय विक्रय कर ऑफिस दे देते हैं वाजिबसूचना वह पुलिस को देना अनिवार्य नहीं समझते लेकिन मामला इतना बढ़ चुका है कि अब आए दिन देश प्रदेश या अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति हो हिंदुस्तान के किसी व्यक्ति से ठगी कर सकता है का केंद्र बन चुका है उज्जैन वही हमें इस बात की पुष्टि करना चाहिए कि पुलिस और प्रशासन किस बात की वाहवाही लूट रहा है ऐसा एक मामला देखने को मिला जहां पंवासा थाना क्षेत्र के महज 500 मीटर दूरी के समीप कुछ ठग फर्जी खाद्य निरीक्षक वसूली कर रहे थे वसूली करते वक्त जागरूक कि वहां एंट्री होती है और वह दूध का दूध और पानी का पानी कर देता है लेकिन प्रशासन फिर भी मौन है इस प्रकार की ठगी पूर्व में भी पुराने शहर में भी चुकी है जिसके लिए उज्जैन उत्तर के विधायक वह पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन ने लिखित में कलेक्टर उज्जैन को पत्र लिख समस्त घटनाओं पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा था लेकिन आज दिनांक तक उक्त विषय को कचरे के डब्बे में डाल प्रशासन हमेशा की तरह इतिश्री ले चुका है देखिए किस प्रकार हो रहा है उज्जैन ठगों का गिरोह सक्रिय।
विशाल शाक्य की खास खबर उज्जैन से

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