रेवांचल टाईम्स - वैक्सीनेशन, सेम्पल कलेक्शन तथा कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन आदि को लेकर अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश वैक्सीनेशन महाभियान के दौरान ही कोविड वैक्सीनेशन के प्रथम डोज से छूटे शतप्रतिशत व्यक्तियों को टीका लगे, महाभियान का मैदानी स्तर पर बेहतर प्रचार प्रसार करते हुए हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लक्ष्यानुसार विशेष टीकाकरण कैंप का आयोजित किये जायें यह निर्देश कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने मंगलवार 14 सितम्बर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुए स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की अधिकारियों की बैठक में सम्बंधित अधिकारियों को दिये। उक्त बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पार्थव जैसवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिजीत पचौरी सहित सभी बीएमओ, सीडीपीओ एवं सम्बन्धित अधिकारियों की उपस्थिति रही।
उन्होंने टीकाकरण से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 17 सितम्बर से प्रारंभ हो रहे कोविड वैक्सीनेशन के अगले चरण के जिलें के 62000 हितग्राहियों का वैक्सीनेशन के लक्ष्यानुसार प्रत्येक विकासखंड में ग्रामवार शिविर आयोजित किये जायें, वैक्सीनेशन केन्द्रवार पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्त तथा अन्य जरुरी व्यवस्था तत्काल पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने अधिकारियों को वैक्सीनेशन दिवस के पूर्व ग्राम का वृहद सर्वे कर प्रथम डोज से छूटे हितग्राहियों को परम्परागत तरीको से आमंत्रित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता गतिविधि आयोजित करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर डॉ फटिंग ने कोविड संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल कलेक्शन एवं जांच कार्यो की समीक्षा कर कम प्रगतिवाले लखनादौन, केवलारी तथा कुरई विकासखंड के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त कर संबंधित टेक्निशियन का वेतन रोकने के निर्देश दिये। साथ ही सभी बीएमओ को लक्ष्यानुसार नमूने लेकर आरसीपीसीआर टेस्ट के लिए भेजने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर डॉ फटिंग ने डेंगू के मरीजों तथा रोकथाम के लिए विभागीय प्रयासों की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डेंगू की रोकथाम के लिए त्वरित जांच एवं उपचार कार्यवाही के साथ ही स्थानीय निकाय से समन्वय कर लार्वा विनिष्टकरण, फोगिंग तथा दवाईयों के छिड़काव आदि गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर डॉ फटिंग ने दस्तक अभियान की गतिविधियों, जिले में संस्थागत प्रसव की स्थिति, टीकाकरण तथा एनआरसी वार्ड में दर्ज बच्चों सहित अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने मातृ मृत्यु प्रकरणों पर बीएमओ से सीधे तक्ष प्रश्न कर मृत्यु के कारणों को जाना तथा आवश्यक दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की साथ ही कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों के चिन्हांकन, पोषण आहार वितरण आदि गतिविधियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।


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