BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? इन विषयों पर दें स्पीच - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Tuesday, September 14, 2021

14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? इन विषयों पर दें स्पीच



नई दिल्ली: '14 सितंबर' यानी मंगलवार को पूरे देशभर में हिंदी दिवस (Hindi Diwas) मनाया जाएगा. हमें एक बार फिर से बताने और समझाने की कोशिश की जाएगी कि हिंदी कितनी महान है? या फिर हिंदी इतनी महान भाषा क्यों है? हिंदी दिवस ने भारत को दुनिया में एक अलग और खास पहचान दिलाई है. यह जानकर आप गर्व महसूस करेंगे कि हिंदी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा है.

हिंदी दिवस (Hindi Diwas) को जानने, समझने और बोलने वाले लोग देश के कोने-कोने में फैले हुए हैं. 14 सितंबर का दिन हम सभी हिंदी भाषियों के लिए बेहद खास होता है. इतना ही नहीं. इस अवसर पर स्कूलों और कार्यालयों में हिंदी को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें हिंदी दिवस पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाती है.

साल 1953 से हुई हिंदी दिवस की शुरुआत

जब हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया, तब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने हिंदी के प्रति गांधी जी के प्रयासों को याद किया. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस दिन के महत्व को देखते हुए 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने को कहा था और फिर साल 1953 से हिंदी दिवस की शुरुआत हो गई.

हिंदी दिवस के खास मौके पर इन विषयों पर लिखें निबंध

1. हिंदी दिवस को ही क्यों चुना गया राष्ट्रभाषा?

2. 14 सितंबर 1949 को क्यों मिला राजभाषा का अधिकार

3. 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस?

4. हिंदी दिवस का इतिहास

5. भारतियों की पहचान है हिंदी दिवस

ऐसे सार्थक होगा हिंदी दिवस



हिंदी खुद में समृद्ध है, इसलिए इसको समृद्ध बनाने के लिए 14 सितंबर के आयोजन की आड़ लेने की बजाय इस दिन को इसके साहित्यिक महत्व, इस भाषा में हुए शोध और इसे समृद्ध बनाने वाले लेखकों-कवियों की यादगार के तौर पर मनाया जाए तो अधिक सार्थक होगा.

No comments:

Post a Comment