बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में श्रावण अष्टमी नवरात्रा मेला में आस्था के नाम पर लूट (Loot) करने का मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने जाली पंडितों (Fake Pandits) को मुर्गा बनाकर कान पकड़ाए और उनके कपड़े उतरवाकर उनसे माफी मंगवाई गई. दरअसल माता की पालकी लेकर जगह-जगह घूम रहे 10-12 लोगों को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा. जब उन्होंने ग्रामीणों से पैसे मांगे और जबरदस्ती सामान की मांग करने लगे तब लोगों ने इकट्ठा होकर उनसे पूछताछ की तो वह नकली निकले.
ये मामला बिलासपुर के उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत आने वाले गांव पन्याला का है. जहां आस्था के नाम ठगी का मामला सामने आया है. बता दे कि कुछ युवा श्रावण अष्टमी नवरात्रों में माता की डोली लेकर पन्याला मे घूम रहे थे. ये युवक माता की डोली के नाम पर आने जाने वाली गाड़ियों को रूका कर पैसा ऐंठ रहे थे. ऐसे में स्थानीय लोगों को जब युवकों के बारे में सूचना मिली तो मौके पर जा कर उनसे पूछताछ की.
पुलिस को दी मामले की सूचना
ऐसे में युवक गुस्सा हो गए. पकड़े गए युवक इनोवा गाड़ी HP 19C 9859 में आये थे जो कि प्राइवेट नंबर की गाड़ी थी. सभी युवकों ने बताया कि वह ऊना (अम्ब) से हैं. लोगों को शक हुआ कि पहाड़ों के देवता ऊना साइड नहीं होते है. ऐसे में लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी.
पुलिस ने जुर्माना लगाकर छोड़ा
पुलिस ने मौके पर जा कर युवकों व गाड़ी को कब्जे में लिया और थाना घुमारवीं थाना ले जाकर पूछताछ की. भगवान के नाम पर गलत ढंग से पैसे ऐंठने व प्राइवेट गाड़ी का प्रयोग करने के जुर्म में उन्हें एक हजार रुपये जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया है.

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