रेवांचल टाइम्स - नैनपुर -15 अगस्त 1947 को अखंड भारत के अधिकृत रूप से अंतिम दो टुकड़े हुए एक पश्चिमी पाकिस्तान और एक पूर्वी पाकिस्तान जिसे आज बांग्लादेश के नाम से जाना जाता हैं; इसके पश्चयात भी भारत पर आक्रमणकारियों की कुदृष्टि हमारे भारत पर बनी रही हैं और तत्कालीन सरकार की विफलता के हमें POK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) 1948 और COK (चीन अधिकृत कश्मीर) 1962 में खोना पड़ा इसके पहले अखंड भारत से 1876 में अफगानिस्तान, 1904 में नेपाल, 1914 में तिब्बत, 1906 में भूटान, 1937 में म्यामार (बर्मा), 1938 में श्रीलंका,1947 में पाकिस्तान, पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश 1972) और मालदीव वर्तमान में कारगिल, गलवान अरुणाचलप्रदेश जैसी हरकते बेशर्म पड़ोसी करते रहते हैं किन्तु वर्तमान सरकार की दृढ़ता के कारण दुश्मनों के सरे इरादे विफल होते रहते हैं।
संघ "खंड-खंड" होते भारत से वह चाहे भौगोलिक हो, सांस्कृतिक हो, पारिवारिक मूल्यों से हो या धर्मी विग्रह (ह्रास) हो से चिंतित हैं और इस दिशा में परिस्थितियों को अनुकूल बनाने युवा तरुणाई को एकता की शक्ति समझाने हेतु राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने और उसमे राष्ट्रवाद की भावना जगाने के लिए "अखंड भारत अभियान " के अंतर्गत " भारतमाता की आरती" का आयोंजन प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को 14 अगस्त के दिन किया जाता हैं .
आज दिनांक 14 अगस्त 2021 को नैनपुर नगर की निवारी बस्ती (निवारि ग्राम, नैनपुर नगर के वार्ड नंबर 02, वार्ड नंबर 03, वार्ड नंबर 04 सम्मिलित) में "भारतमाता की आरती" का आयोजन किया गया जिसमे निवारी बस्ती से गणमान्य नागरिक अभिलाष ठाकुर (मन्नू), नीरजकांत झारिया, महेंद्र शुक्ला आयुष अग्रवाल, शरद ठाकुर वासु हरदहा , विनोद धांडोले (निवारी बस्ती प्रमुख ) एवं अन्य युवा तरुणाई प्रमुखरूप से उपस्थित रहे.।
नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट

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