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Tuesday, August 3, 2021

अति वंचित बच्चों की शिक्षा व समग्र विकास में सहयोग प्रदान करें - कलेक्टर श्री सुमन






रेवांचल टाईम्स - जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक छिंदवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश श्रीमती प्रियंका सुमन साकेत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  संजीव उईके, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एस.के.गुप्ता, डी.एस.पी. महिला प्रकोष्ठ सुश्री कीर्ति नरवरिया, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती डॉ.मोनिका बिसेन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी.सी.चौरसिया, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य श्री एन.एस.बरकडे, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जी.के.हरने, श्रम अधिकारी  संदीप मिश्रा, जिला शिक्षा केन्द्र के जिला समन्वयक श्री संजय दुबे व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी  सहित बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष, पदाधिकारी व सदस्य, चाईल्ड लाईन, विशेष किशोर पुलिस इकाई, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक इकाईयों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे बैठक में कलेक्टर श्री सुमन ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के अंतर्गत प्रोजेक्ट एन्जेल में तैयार की गई प्रायवेट स्पॉन्सरशिप योजना में अधिक से अधिक व्यक्ति आर्थिक सहयोग कर अति वंचित बच्चों की शिक्षा व उनके समग्र विकास में सहयोग प्रदान करें । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, फास्टर केयर योजना और स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण व समग्र विकास के प्रयास किये जा रहे हैं जिनके माता-पिता या माता या पिता की कोविड-19 के दौरान मृत्यु हो गई है या किसी अन्य बीमारी या दुर्घटना या किसी अन्य कारण से मृत्यु हो गई है और वे अकेले रह गये है एवं उनके पालन-पोषण के लिये कोई अभिभावक उपलब्ध नहीं है । उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील विषय है जिसमें हम सभी को मिलकर बच्चों की चिंता करना है । उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट एन्जेल में तैयार की गई प्रायवेट स्पॉन्सरशिप योजना में कोई भी औद्योगिक इकाई या व्यापारिक संगठन के पदाधिकारी या अधिकारी/कर्मचारी या व्यक्ति प्रतिमाह 2 हजार रूपये अथवा इससे अधिक राशि की आर्थिक सहायता अल्प अवधि 3 वर्ष या विशेष परिस्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक दे सकते हैं । इस राशि को बैंक में अधिकृत रूप से बाल संरक्षण खाते में रखा जायेगा और इस राशि का अति वंचित बच्चों के लिये ही सदुपयोग किया जायेगा । इस कार्य की जिला और विकासखंड स्तर की समितियों द्वारा मॉनिटरिंग की जायेगी एवं स्थानीय स्तर की समितियां भी इस कार्य पर नजर रखेंगी । प्रोजेक्ट के अंतर्गत ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन, ई-पेमेंट और ऑनलाईन अन्य जानकारियां पब्ल्कि डोमेन में साझा की जायेंगी जिससे इसमें पूरी तरह पारदर्शिता बनी रहे । उन्होंने कहा कि एक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुये समाज कल्याण के इस पुनीत कार्य में सभी सहयोग करें जिससे जिले के अति वंचित बच्चों का समग्र विकास हो सके । बैठक में जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती डॉ.बिसेन ने पॉवर पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के देख-रेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिये तैयार किये गये प्रोजेक्ट एन्जेल की प्रायवेट स्पॉन्सर योजना, वर्तमान संस्थाओं व निराश्रित बच्चों की स्थिति, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, अति वंचित बच्चों की स्थिति, उनकी शैक्षणिक गतिविधियों व मॉनिटरिंग की प्रक्रिया और अन्य बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी । बैठक में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक इकाईयों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि ने प्रोजेक्ट एन्जेल की प्रायवेट स्पॉन्सर योजना के संबंध में विभिन्न जिज्ञासायें रखीं जिनका समाधान भी किया गया ।

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