रेवांचल टाइम्स - लांजी बाबा साहब की प्रतिमा को अपमानित करने वाले मामले पर पूर्व विधायक किशोर समरीते ने कहां की मेरे द्वारा पुलिस फाइल देखी गई है जिस उसमें मीडिया में जो बात आई है कि वह गलत है जो कोर्ट में लगाया गया है वह अलग है दूसरी बात बता दूं कि मेरी माता जी बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ कर नगर परिषद लांजी की अध्यक्ष बनी मेरे भाई ने विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ा है लोकसभा का टिकट हमको बहुजन समाज पार्टी ने दिया है मेरी माता श्री को विधानसभा का टिकट हमको बहुजन समाज पार्टी ने दिया है मेरी माता श्री को विधानसभा का टिकट दिया है अब यह बात तो साफ होती है कि हम बाबा साहब का सम्मान करते हैं नहीं तो बहुजन समाज पार्टी हमको क्यों टिकट देती बोलेगाव का जब मामला हुआ था उस समय मैं जेल में था आधार कार्ड में और इस मामले में मेरी जेल में ही जब गिरफ्तारी हुई थी फरवरी में मुझे हिरासत में लेकर चालान पेश किया गया था उस मामले में मेरी जेल से ही ऐसी हुई थी जिसमें मैं बरी हो चुका हूं दूसरी बात जिस मामले में यह देश चलता है सविधान से न्यायपालिका कार्यपालिका रास्ता दिखा संविधान के दायरे में चलते हैं जब न्यायपालिका ने किसी व्यक्ति को छोड़ दिया तो आप क्या न्यायपालिका से ऊपर हो गए मेरा कहना है न्यायालय का सम्मान किया जाए यह सभी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता थी भटेरे परिवार से चल रहा था वह हमारे ऊपर आरोप लगाते थे हम उनके ऊपर यह सब एक दौर था हमने कभी बाबा साहब के खिलाफ आज तक एक शब्द भी नहीं बोला बाबा साहब भारत रत्न है कोई छोटे मोटे आदमी थोड़ी ना है इस देश के महापुरुषों संविधान निर्माता है तो उनके खिलाफ हम क्यों कुछ बोलेंगे दूसरा हमने बाबा साहब की प्रतिमा पर फूलों का हार चढ़ाया और संविधान की प्रति भेंट की उसके पीछे हमारा कारण यह था बालाघाट संहिता पूरे देश में लोग संविधान की शपथ लेते हैं तो उनको संविधान के अनुसार काम करना चाहिए संविधान की शपथ लेकर उसके काम करते हैं बालाघाट में ला एंड ऑर्डर की इसे थी खराब है इस बात को लेकर जनजागृति लाने मैंने वहां काम किया था जिन लोगों ने दूध पिया है वह पूर्ण रुप से शराब कंपनी के बेकार है मैं एक बात और बता दूं कि बाबा साहब अंबेडकर भंडारा से चुनाव लड़े थे इंदौर में बाबा साहब के साथ देने वाले नेहरू का साथ दिया था कांग्रेसका साथ दिया था और बाबा साहब को चुनाव हरा दिया था उस समय क्या हुआ था जब एक बोरकर को चुनाव जीता कर भेजा था तो बाबा साहब को अपमानित करने वाले भी इसी तरह के लोग थे जितना पढ़ा लिखा बुद्धिजीवी वर्ग है यह समाज का उनको बड़ा अच्छा लगा किशोर समृति ने जो कार्यक्रम किया है जो लोग कांग्रेश और भाजपा के दलाल हैं उनको खराब लगा उस दिन जिन लोगों ने विरोध किया जैसा भी किया मैंने उनको कहा कि बाबा साहब के नाम पर सारे विरोध स्वीकार करेंगे आज जूते चप्पल की माला भी पहन आओगे तो बाबा साहब के सम्मान के लिए हम पहन लेंगे लेकिन हम लोग भी राजनीतिक लोग हैं हमने भी विधायक बनकर संविधान की शपथ ली है और जो एक बार संविधान की शपथ ले लेता है संविधान के खिलाफ कभी कार्य नहीं करता
रेवांचल टाइम्स लांजी बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे

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