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Sunday, August 1, 2021

सावन में इस दिन है शिवरात्रि, जानिए इसका महत्व और शुभ मुहूर्त



नई दिल्ली। भगवान शिव (Lord Shiva) का प्रिय महीना सावन (Sawan) 25 जुलाई से शुरू हो चुका है. ये महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है. सावन (Sawan) के इस पावन महीने में भगवान के शिव की पूजा (worship of lord shiva) करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. माना जाता है कि सावन में भगवान शिव की विधिवत पूजा-उपासना करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. इसी के साथ लंबी उम्र का वरदान भी प्राप्त होता है।

हिंदू पंचाग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष के 14वें दिन को मासिक शिवरात्रि (Shivratri) मनाई जाती है. लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि (Sawan Shivratri) कहते हैं. आइए जानते हैं ज्योतिर्विद करिश्मा कौशिक से सावन में पड़ने वाली शिवरात्रि का महत्व और इसका शुभ मुहूर्त।





ज्योतिर्विद करिश्मा कौशिक बताती हैं, साल में 12 शिवरात्रि आती हैं. लेकिन इन 12 शिवरात्रि में से 2 शिवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना जाता है. फाल्गुल मास में पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते हैं और सावन मास में पड़ने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि कहा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है. इस बार सावन शिवरात्रि 7 अगस्त दिन शनिवार को मनाई जाएगी।

तिथि के अनुसार, 7 अगस्त की सुबह शिवलिंग पर जल अर्पित किया जाएगा. इस दिन भगवान शिव के शिव परिवार की पूजा की जाती है. इस दिन व्रत, उपवास, मंत्रजाप तथा रात्रि जागरण का विशेष महत्व है. माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव के साथ मां गौरी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन की सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं.

सावन शिवरात्रि शुभ मुहूर्त- सावन मास की चतुर्दशी तिथि 6 अगस्त 2021 को शाम 6 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर 7 अगस्त 2021 की शाम 7 बजकर 11 पर समाप्त होगी. यानी उदय तिथि के अनुसार, 7 अगस्त की सुबह के समय शिवरात्रि तिथि आरंभ होगी.

ज्योतिर्विद करिश्मा कौशिक कहती हैं कि सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गंगाजल और दूध से अभिषेक जरूर करें. इसके अलावा, आटे के 11 शिवलिंग बनाकर हर एक शिवलिंग का 108 बार अभिषेक करें और ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से संतान प्राप्ति की समस्याएं दूर होंगी.

विवाह संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए इस दिन गुलाब के फूलों की माला से शिवलिंग के साथ मां गौरी का गठबंधन करें. ऐसा करने से विवाह संबंधी सभी समस्याएं समाप्त होंगी.

इस दिन किसी भी निर्धन व्यक्ति या कन्याओं को दूध दान करें. ऐसा करने से मानसिक तनाव दूर होगा साथ ही कुंडली का चंद्रमा शुभ फल देने लग जाएगा।

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