रेवांचल टाइम्स :- देश में जरूरतमंदों को आसरा दिलाने के लिए 6 वर्ष पूर्व केंद्र सरकार ने भूमिहीन प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की थी। लेकिन नैनपुर नगर पालिका परिषद की लचर रवैया के चलते इस योजना का असर धरातल पर नजर नहीं आया। इस योजना से गरीब, असहाय लोगों को पक्की छत मिलने की आस जगी है, लेकिन जिन लोगों के पास निजी जमीन नहीं थी, वे लोग इससे वंचित रह गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे लोग बड़ी संख्या में हैं। अब सरकार की ओर से इसके प्रावधानों में संशोधन किया गया है। नवीन व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन करने वाले लाभार्थी के पास जमीन उपलब्ध नहीं भी है तो विभागीय टीम ग्राम सभा व अन्य सरकारी जमीन का कुछ हिस्सा देकर आवास के लिए ऋण मुहैया कराएंगे। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 70 हजार तक का लोन मिल सकता है। आवास के लिए 1.20 लाख तक का अनुदान चार किश्तों मे दिया जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकार की ओर से किए गए बदलाव से अब भूमिहीन परिवारों को भी आवास मिलेंगे। इसकी शुरुआत चालू वित्त वर्ष में शासन से मिलने वाले आवास के लक्ष्य से ही की जाएगी।
आर्थिक रूप से कमजोर भूमिहीन गरीब परिवारों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं है, लेकिन ऐसी योजनाओं का लाभ मंडला जिले में जरूरतमंद लोगों को नहीं मिल पा रहा है. जिसकी बानगी नैनपुर नगर पालिका में देखने को मिल रही है. नगर के भूमिहीन जरूरतमंद गरीब परिवार पिछले कई साल से झोपड़ी में या फिर किराए के मकान में रह रहे है. इन गरीब परिवारों को आज दिनांक तक मकान बनाने के लिए कोई भी सरकारी मदद नहीं मिली है. जिसकी वजह से ये परिवार तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करते हुए टूटे हुए मकान एवं किराए के मकान में रहने को मजबूर है.
पिछले कुछ साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नैनपुर नगर में हजारों आवास बन चुके हैं. लेकिन आज तक किसी ने भूमिहीन गरीब परिवार की आवाज नहीं सुनी. जो प्रधानमंत्री के 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराने के सपने पर पानी फेरने जैसा है. नैनपुर के भूमिहिन हितग्राहियों का कहना है कि लगभग चार-पांच साल पहले हमारे द्वारा नगर पालिका नैनपुर में जरूरी दस्तावेज एवं आवेदन दिया जा चुका है एवं प्रधानमंत्री आवास योजना भूमिहीन सूची में नाम आने के बावजूद भी नगर पालिका की लापरवाही के चलते आज दिनांक तक हमें आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि आवाज बनाने हेतु सरकारी भूमि का चयन भी किया जा चुका है लेकिन ना जाने क्या वजह है की भूमिहीन परिवारों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है कई ऐसे परिवार है जो अपने टूटे-फूटे मकानों मे अपनी जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं. सभी ने मकान देने के लिए आवेदन भी दिया है लेकिन अब तक उन्हें आवास नसीब नहीं हो पाया है.
नैनपुर नगर में कई भूमिहीन परिवार ऐसे भी हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर है. राशन कार्ड से मिल रहे खाने के सहारे ही वे अपना जीवन चला रहे हैं।
ऐसे में घर का निर्माण कराना उनके लिए एक सपने जैसा है.काफी मशक्कत के बाद लोगों को कुछ साल पहले भूमिहीन आवास योजना के तहत घर बनाने की स्वीकृत दी गई थी एवं नगर के कई भूमिहीन गरीब परिवारों का नाम सूची में आया था, लेकिन नगर पालिका परिषद के ढीले रवैये के कारण घर का काम शुरू तक नहीं हो पाया है.
कलेक्टर द्वारा भूमिहिन परिवारों के आवास निर्माण के लिए जगह भी सुनिश्चित कर ली गई है, एवं उसका समतलीकरण भी किया जा चुका है। लेकिन नगर पालिका परिषद के लचर रवैया के चलते पिछले 2 सालों से निर्माण कार्य रुका हुआ है। जोकि आगे भी लंबे समय तक प्रगतिशील दिखाई नहीं दे रहा।
ऐसा प्रतीत होता है की, अगली परिषद आने के बाद ही कार्य प्रगति पर हो क्योंकि इस परिषद को खत्म होने में अब कुछ ही समय बचा है।
✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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