सत्यापन जल्द ना कराने को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी
रेवांचल टाइम्स... आदिवासी अंचल मे रेत की अवैध निकासी कोई नई बात नहीं है जिले में लगातार अवैध खनन किए जाने के मामले संज्ञान में आ रहे हैं हाल ही में कुछ एक समाचार पत्रों में रेत कारोबारी के काले कारनामे और जबरिया रेत की अवैध निकासी के मामले भी अखबारी सुर्खियों में रहे और समाचार पत्रों में लगातार प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बावजूद भी खनिज विभाग द्वारा महज दिखावे की कार्यवाही करना कोई नई बात नहीं है जिले में प्रतिबंध के बावजूद रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है वह भी बगैर रॉयल्टी के जिम्मेदार जानकारी होने के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं कार्यवाही के अभाव में रेत कारोबारी के हौसले इस कदर बुलंद हैं की वह नियम कायदों को दरकिनार करते हुए ईटीपी बंद होने के बाद भी भंडारण स्थलों में रेत का उठाओ कर रहे हैं जिसे लेकर बहुजन समाज पार्टी के के जिलाध्यक्ष असगर सिद्दीकी ने कलेक्टर के नाम एसडीएम महेश मंडलोई के हाथों में ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने कलेक्टर डिंडोरी से सारी प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सबसे पहले जप्त रेत का भौतिक सत्यापन किए जाने का आग्रह किया है यहां लेख भी किया है कि यदि उक्त मामले में कार्यवाही नहीं की जाती तो बहुजन समाज पार्टी द्वारा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जवाबदारी प्रशासन की होगी भंडारित स्थलों का हो भौतिक सत्यापन साथ ही उन्होंने कहा कि दिवारी,2 मैं जप्त रेत के अलावा घेवरी भंडारण व शाहपुरा के मुड़की भंडारण का भी भौतिक सत्यापन कराया जाए तो अनेकों चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो सकते हैं विभाग द्वारा जिस तरह हजारों घन मीटर रेत में से महज दिखावे के लिए 945 घन मीटर रेत जप्त की गई ऐसे में उक्त स्वीकृत भंडारण स्थलों की स्थिति भी दर्शाई जा सकती है... नियम निर्देशों से परे संचालन अनुबंध अनुसार यदि रेत कारोबारी नियत तिथि में किस्तों को जमा करने में असफल होता है तो ईटीपी बंद कर खदान संचालन पर रोक लगा दी जाती है कारोबारी को इस आशय का कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है की किस्त की राशि जमा करने में असफल रहने पर क्यों ना ठेका निरस्त कर दिया जाए इसके अलावा किस्त जमा करने की निर्धारित तिथि 30 दिवस के भीतर कारोबारी द्वारा उक्त कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए विलंब अवधि पर 24% वार्षिक की दर से ब्याज सहित देय किस्तों का भुगतान करने पर कलेक्टर या निगम खदान संचालन की अनुमति दे सकेंगे किंतु यहां धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है विभाग ने भी चुप्पी साध रखी है ऐसे में विभाग द्वारा 945 घन मीटर रेत की जब्ती गले से नहीं उतरती तो स्वाभाविक है कि जप्त रेत का शीघ्र ही भौतिक सत्यापन किया जाकर नियम अनुसार उचित कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि शासन के खाली पड़े खजाने की भरपाई काफी हद तक पूरी की जा सके भौतिक सत्यापन हुआ तो रेत का खेल होगा उजागर ।
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ


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