रेवांचल टाईम्स - सरपंच पति का बोल बाला सरपंच पति ही चलते है पंचायत...
चौरई ग्राम पंचायत कुंडा में सरपंच ने रातोंरात बाजार बैठकी का चहेतों को ठेका दे दिया। बाजार बैठकी की राशि आज तक पंचायत कोष में जमा नहीं की गई है। पंचायतों में भ्रष्टाचार संबंधी मामले उजागर होने एवं जांच दल गठित होने तक ही सिमट कर रह गए हैं। इससे सरपंच-सचिव मनमानी करते हुए जहां रिकार्ड से छेड़छाड़ कर रहे हैं वहीं पंचायतों के लिए आय का स्रोत बने बाजार बैठकी आदि का ठेका भी अपने चहेतों को दे रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत कुंडा में देखने को मिला। जहां सरपंच पति अजय चौरसिया ने सचिव के साथ मिलकर रातोंरात बाजार बैठकी की रसीद काटते हुए ठेका दे दिया, जिसकी जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को बाजार उगाही सरपंच द्वारा की गई थी। जिसकी राशि भी आजतक पंचायत के कोष में जमा नहीं कि गई बल्कि बिना किसी सूचना और मुनादी के यह बाजार बैठकी का ठेका 12/07/21 को हबीब मंसूरी के नाम रसीद काटकर दे दिया गया। ग्राम के ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत मे अजय चौरसिया के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से जन बाज़ार व बैल बाजार का ठेका हवीब मंसूरी को दे दिया है साथ ही सरपंच पति द्वारा मेरे साथ धोखा धड़ी की गई है विगत वर्ष मुझे ठेका नियमानुसार दिया गया था जिसकी पूरी राशि मेरे द्वारा सरपंच पति के समक्ष दे दी गई थीं, कोरोना संक्रमण काल होने के कारण यह ठेका निरस्त कर दिया गया था उसके बाद भी मेरे द्वारा दी गयी रकम मुझे वापस इसलिए नहीं किया गया कि आने वाले वर्ष में ठेका मुझे ही देने का अस्वासन दिया गया था जब मेरे द्वारा सरपंच व सरपंच पति से इस संबंध में बात की गई तो आनन फानन में सरपंच पति ने अपने घर बैठे अन्य व्यक्ति को जन बाजार व बैल बाजार का ठेका दे दिया गया।और सरपंच पति द्वारा धमकी दी गई कि मैं तेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर तुझे जेल भिजवा दूँगा। मरे द्वारा इस आशय की शिकायत विधायक व पूर्व विधायक जिला कलेक्टर को की गई किन्तु सरपंच व सचिव पर आजतक कार्रवाई न हो सकी ।

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