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नहर में कार गिरने से चार लोगों की मौत हादसा नहीं सुनियोजित हत्या



श्रीगंगानगर,राजस्थान। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में हनुमानगढ़ टाउन-रावतसर मेगा हाईवे पर इंदिरा गांधी नहर में पांच महीने पहले एक कार के गिर जाने से दंपति समेत चार लोगों की मौत होना हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने आज प्रेस वार्ता कर इस सामूहिक हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कार चला रहा रमेश स्वामी ही इस सामूहिक हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला। उसका सहयोग करने वाले रामलाल नायक को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय जोधपुर ने रोक लगा रखी है।

उन्होंने बताया कि नहर के पास ढलान पर खड़ी कार अपने आप लुढ़क कर नहर में नही गिरी थी बल्कि रमेश स्वामी और उसने पहले से वहां बुला रखे अपनी जमीन के काश्तकार रामलाल नायक निवासी मलडखेड़ा के साथ मिलकर धक्का देकर गिराया गया था। रमेश ने इन हत्याओं की योजना एक दिन पहले ही रामलाल के साथ मिलकर बना ली थी और फोन करके रामलाल को लक्खूवाली के समीप इंदिरा गांधी नहर के पुल पर बुला लिया था। रमेश ने जानबूझकर यहीं पर लघुशंका से निवृत होने के बहाने कार को रोका। इसके बाद दोनों ने धक्का मार कर कार को नहर में गिरा दिया, जिससे विनोद बाघला, उसकी पत्नी रेणु, पुत्री इशिता और सुनीता भाटी की मृत्यु हो गई।

उन्होंने बताया कि रामलाल नायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी पर राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा लगाई गई रोक को भी हटवाने के प्रयास किए जाएंगे। इस घटना के बाद मृतक विनोद के साले रमेश सिडाना निवासी वार्ड नंबर 25 श्रीविजयनगर द्वारा 16 फरवरी को रमेश पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराए जाने पर जब पुलिस ने जांच शुरू कि तो रमेश स्वामी ने जोधपुर उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी और न्यायालय ने रमेश की गिरफ्तारी पर अस्थाई रोक लगा दी थी।

उन्होंने बताया कि अनुसंधान अधिकारी ने कुछ संदिग्ध बिंदुओ की गहन जांच पड़ताल करने के बाद 15 दिन का नोटिस देकर रमेश को पूछताछ के लिए तलब किया। पूछताछ में रमेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि न्यायालय से रोक हटने के बाद रमेश को गिरफ्तार किया जाएगा। हत्या का कारण जमीन के सौदे का मामला बताया जा रहा है।

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