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Wednesday, July 28, 2021

पीडब्ल्यूडी के शुस्तीपन रवैए की खुली पोल - मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली लांजी गोंदिया व्हाया सावरीकला मार्ग हुई कीचड़ में तब्दील...




रेवांचल टाईम्स - स्कुल खुलते ही बच्चों के लिए मुसीबत तो परिजनों के लिए सिरदर्द बनी कीचड़युक्त सड़क_

       लोक निर्माण विभाग (भ/स एवं परियोजना क्रियान्वयन इकाई ) म़ध्यप्रदेश शासन की प्रमुख निर्माण एजेन्सी है, जो निर्माण कार्यो की योजना बनाने डिजाइन करने, सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण, उन्नयन एवं रखरखाव का कार्य सम्पादित करती है। लोक निर्माण विभाग की मुख्य गतिविधियों में राष्ट्रीय राजमार्गों, मुख्य जिला मार्गों , अन्य जिला मार्गों एवं ग्रामीण मार्गों तथा पुलों, फ्लाईओवर एवं रेल्वे ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य प्रमुख है।


पीडब्ल्यूडी के ये होते हैं प्रमुख लक्ष्य


 लोक निर्माण विभाग का प्रमुख लक्ष्य बेहतर, त्वरित एवं उत्कृष्ट निर्माण हेतु तकनीकी उन्नतीकरण करना। सड़कों की संधारण लागत को कम करने का प्रयास करना। प्रदेश के अंदर तथा अतंरराज्यीय मार्गों पर पर्याप्त एवं सुरक्षित यातायात हेतु परिवहन प्रणाली का विकास करना, जिससे माल सेवाओं एवं यात्रियों का सुरक्षित रूप से निर्बाध आवागमन हो सके। दुर्घटना की रोकथाम हेतु सुरक्षा प्रावाधान एवम ज्यामितीय सुधार करना। सड़क मार्गो के नेटवर्क का सतत् विकास करना। नवीनतम तकनीक का प्रयोग करने हेतु अभियंताओं को प्रशिक्षित करना ।वर्तमान रेल्वे समपार के स्थान पर रेल्वे ओव्हर ब्रिज का निर्माण कर निर्बाध एवं सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना। इन तमाम बातों को गौर से देखा जाए तो लांजी तहसील में ये सभी लक्ष्य पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली से कोशो दुर है। और इन्ही कार्य में से एक मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के ग्रामीण अंचलों से गुजरकर जोड़ने वाला मार्ग आज अपनी बदहाली पर घडी़याल आशूं रो रहा है। उक्त मार्ग पर लगभग-लगभग 5-6 किलोमीटर का मार्ग पुरी तरह से कच्चा और मिट्टीयुकत है ,जो बारिश में अपना रंग दिखा देता है। वहीं मार्ग के पक्के कार्य के लिए भुमीपुजन भी हो गया, भुमीपुजन हुए 2 वर्ष होते चले, लेकिन कार्य में लेट लतीफी ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी की शुस्ती का जीता जागता उदाहरण है।


पाथरगांव स्कुल बच्चों के साथ ग्रामीण भी परेशान


शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाथरगांव में शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर काफी अच्छा माना जाता है,जिस कारण से उक्त स्कुल में आस पास के गांव में घोटी घुसमारा, सिहारी, दिघोरी,अमेडा़, रमपुरा,कलपाथरी,बाजारटोला झिंगुटोला और खजरी के लगभग 1500 छात्र शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं। लेकिन सालों से जर्जर हालत का रोना रोती सड़क फिर अपनी बदहाली पर घडी़याल आंसू रो रही है,जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ता है। उक्त मार्ग लांजी गोंदिया पंहुच मार्ग के नाम से स्विकृत हुआ है , जिसका भूमिपूजन विधायक सुश्री हिना कावरे के द्वारा किया गया था। और इसके लिए ठेका भी दे दिया गया है। वहीं ठेकेदार के द्वारा मई 2020 में ही कार्य प्रारंभ किया गया है,लेकिन ठेकेदार द्वारा उक्त कार्य में लेट लतीफी की जा रही है। जिस कारण पालक स्कुल से टीसी निकालने की बात कर रहे हैं। पाथरगांव स्कुल पंहुच मार्ग पर पुर्व में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चुनखडी़ बिछाई गई थी, किंतु वह भी जमींदोज हो गई है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था कोई उचित विकल्प नहीं है। वहीं पुर्व में सड़क पर पानी निकासी के लिए बिछाएं गए पाइप के उपर इतनी ऊंचाई पर मिट्टी डाल दिया गया है कि सायकिल चालक, दुपहिया वाहन चालक गिर जाते हैं तो वहीं चौपहिया वाहन के चेचिस भी टकराते हैं। जिसकी खबर लगते ही ठेकेदार के द्वारा पाइप के उपर की मिट्टी की सतह बराबर करने के लिए और चोपन मिट्टी डाल दी गई, जिससे आना जाना बंद हो गया है।


घरों में कैद हो गए हम - डा राधेश्याम ऐडे़ पाथरगांव निवासी


ग्राम पाथरगांव निवासी डा राधेश्याम ऐडे़ ने बताया कि सड़क तो ऐसे भी खराब थी, और अब जब पक्की सड़क बनने जा रही है तो उसमें भी देरी हमारे लिए समस्या बन गई है, पाइप के उपर से पहले जाते थे तो गिर जाते थे और अब तो जा ही नहीं पाते हैं। हम अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। किसी को डाक्टर की जरूरत आ पड़ी तो हम गाड़ी से क्या पैदल भी नहीं जा पाते। गांव में आपातकाल में 108 एंबुलेंस तक नहीं आ सकती। सड़क का काम चालू किया जाना चाहिए, यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम विरोध प्रदर्शन करेंगे।

सरकार की फाइनेंशल स्थिती ठीक नहीं- सुखराम नेवारे एडीओ पीडब्ल्यूडी लांजी

लोक निर्माण विभाग लांजी के एसडीओ ने बताया कि सरकार की फाइनेंशल स्थिती ठीक नहीं है और पिछले कार्य का भुगतान नहीं हो पाया है, इसलिए काम रुका हुआ है। और अभी बरसात में अर्थवर्क नहीं हो सकता, इसलिए काम रुका हुआ है।

आखिर क्यों नहीं हो पा रहा कार्य

 सड़क निर्माण के लिए 2018 से लड़ाई लड़ रहे छात्रों और पालकों को बस सांत्वना का लिफाफा मिल जाता है, फिलहाल सभी सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो इसी उम्मीद में हैं। यदि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो सैकड़ों बच्चे अपनी टीसी निकाल कर दुसरे स्कुल में पढ़ने जा सकतें हैं। वहीं एक बात तो है कि ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी विभाग किसी बड़े हादसे के इंतजार में नजर आ रहे हैं। पुर्व में ठेकेदार के द्वारा शिघ्र कार्य कर ने की बात कही थी, लेकिन यह सब फोन पर ही सिमट गया है। रोड़ जस की तस है।

लग रहा था कि ठेकेदार सम्राट सिंह सरसवार कार्य प्रारंभ करने में स्फुर्ती दिखाएंगे, लेकिन उनकी कथनी और करनी में अंतर नजर आया। वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग के कमिटमेंट के आधार पर ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठना जायज़ नहीं है।


रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज सिंह राजपूत

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