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Saturday, July 24, 2021

आबकारी विभाग अवैध अंग्रेजी व देशी शराब छोड़ कर पकड़ रही कच्ची शराब आखिर क्यों ?

 



 रेवांचल टाइम्स - नैनपुर -  आदिवासी बाहुल्य जिला  मुख्यालय की पवित्र नगरी की तहसील नैनपुर में अंग्रेजी शराब,सब्जी भाजी की तरह खुलेआम निडर होकर होटलों से लेकर किराने की दुकान पान के ठेले,चाय की दुकान व अन्य दुकानों तक में धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। जिला मुख्यालय में सबसे ज्यादा अंग्रेजी शराब की खपत हो रही हैैं। जब जिला मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर जैसे प्रशासनिक अफसर बैठे हैं, इसके बाद भी खुलेआम शराब की बिक्री हो रही हैं। आम जनता अनुमान लगा सकती हैं की जब जिला मुख्यालय जैसे में निडर होकर शराब की बिक्री हो रही हैं तो जिले के  अन्य ब्लाक से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में किस कदर शराब की खपत हो रही होगी। आबकारी विभाग शराब विक्रय कराने में शराब ठेकेदार को साथ दे रही हैं, तभी तो अंग्रेजी शराब न पकड़कर कच्ची शराब को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपा ली जाती हैं। 


नशीले पदार्थों पर सरकार क्यों नहीं लगाती प्रतिबंध


उल्लेखनीय हैं कि यदि कोई वस्तु बुरी हैं व हानिकारक हैं तो उसका उत्पादन, निर्माण और विक्रय व उपभोग सब दंडनीय अपराध होना चाहिए, एवं ऐसे नशीले पदार्थों पर पूर्णत: सरकार को अंकुश लगाना चाहिए। ऐसा नहीं कि, शासन उसके विक्रय के लिए लायसेंस बांटे, राजस्व कमाए, व्यापारी भी पेल के रुपया कमाए, और उसका उपभोग कर के जब उपभोगता कोई मर जाए तो फिर सांत्वना देने उस परिवार को शासन आर्थिक मदद अर्थात अनुदान दे दे,और कुछ समाजसेवी, संस्थायें या व्यक्ति उसके लिए जागरूकता शिविर लगाएं। व्यसन पदार्थो की बिक्री पर रोकथाम की जवाबदारी शासन के अलावा आम नागरिकों की होनी चाहिए। 


इन क्षेत्रों में बिकती हैं शराब


जीवन दायिनी मां नर्मदा की गोद में बसा मंडला शहर के नैनपुर तहसील के अलावा आसपास के लगे क्षेत्र डिठौरी से लेकर पाठासीहोरा, झिरिया ओहनी , धनोरा व अन्य ग्रामीण क्षेत्रो के अलावा  सबसे ज्यादा नैनपुर शहर के अंदर ही सबसे ज्यादा सुबह से लेकर रात्रि तक शराब बिक्री का खेल चलता हैं। 


परिवार को नशे से बचाने के लिए नारी शक्तियां एवम  समाजसेवी संस्थाएं आए आगे


नशीले पदार्थों से कई परिवार लगातार बर्बाद हो रहे हैं। शराब ठेकेदार रुपयों की लालच में अवैध रूप से कुचिया के माध्यम से शराब की बिक्री शहर से लेकर गांव तक शराब की खेप पहुंचा कर विक्रय करा रहें हैं। जिससे गरीब परिवार बर्बाद तो हो रहा हैं, साथ ही गरीब की गाढ़ी कमाई शराब में हीं नष्ट हो रही हैं,जिससे आए दिन नशे के कारण परिवार में लड़ाई झगड़े के कारण परिवार तो टूटता ही हैं साथ ही मर्डर जैसी घटनाएं भी हो रही हैं। आबकारी विभाग का अमला गहरी नींद में सोया हुआ हैं, जिसके चलते शराब की अवैध बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही हैं, जिसके चलते अब आम नागरिक के अलावा नारी शक्तियों  व समाजसेवी संस्थाओं को ही आगे आना होगा तब ही अवैध शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा सकता हैं।।  



                                         विभाग द्वारा कच्ची शराब पकड़   की  जा रही  खानापूर्ति                             


    आपकारी विभाग को सदैव जानकारी होने के बावजूद भी केवल कच्ची शराब पर ही धावा बोला जाता है ऐसा कौन सा दबाव है जिसकी वजह से आपकारी विभाग धड़ल्ले से बिक रही देसी व अंग्रेजी शराब पर पकड़ाधरी की कार्यवाही नहीं करता वही जब अवैध शराब की शिकायत की जाती है तो केवल कच्ची शराब को पकड़कर ही केस बनाकर खानापूर्ति कर दी जाती है और धड़ल्ले से अंग्रेजी व देशी शराब बेच रहे ठेकेदारों को अपना पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाता है वहीं आम जनों का कहना है कि आखिर आबकारी विभाग की क्या मजबूरी है जो कार्यवाही नहीं करती ?                                   



नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट

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