BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
बिना सर्जरी डॉक्टरों ने बच्चे के गले से निकाला सेल और बचा ली जान.... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Saturday, July 17, 2021

बिना सर्जरी डॉक्टरों ने बच्चे के गले से निकाला सेल और बचा ली जान....



महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक डॉक्टर ने ऐसा कारनामा किया है, जिसकी तारीफ पूरा शहर कर रहा है. एक बच्चे ने सेल निगल थी, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी. जब स्थानीय स्तर पर लोग इलाज के लिए गए तो वहां के डॉक्टरों ने कहा कि अकोला के सिटी हॉस्पिटल में बच्चे को दिखाएं. बच्चे को सांस लेने में तकलीफ भी बढ़ने लगी थी. साढे तीन साल के इस बच्चे की मुश्किलें बढ़ता देखकर बच्चे के अभिभावकों ने उसे प्रकाश चिल्ड्रन हॉस्पिटल में एडमिट कराया. डॉक्टर सचिन सांगले ने बच्चे की एक्सरे रिपोर्ट निकाली, जिसमें फैरिनगयटीस (अन्न नलिका) में सेल नजर आई.

डॉक्टर ने सलाह दी कि बच्चे को अकोला ले जाकर एंडोस्कोपी कराएं लेकिन अभिभावकों ने डॉक्टर पर दबाव बनाया कि वही कुछ करें. डॉक्टर ने नया तरीका इस्तेमाल किया, जो इससे पहले किसी ने इस्तेमाल नहीं किया था. ऐसे निकाली बच्चे के गले से सेल! डॉक्टर ने फोलिज कैथेटर के एक छोर को बच्चे के मुंह से अंदर डाला, कुछ अंदर तक कैथेटर धकेलने के बाद दूसरे छोर से सलाईन लगा दिया. कैथेटर के सामने के हिस्से में छोटा सा गुब्बारा बन गया. गुब्बारा बनने के बाद धीरे-धीरे उसे बाहर निकाला गया.

जब कैथेटर पूरा बाहर आया तो बच्चे के माता-पिता के साथ डॉक्टर भी हैरान रह गए. गुब्बारे के साथ सेल भी बाहर आ गया. सेल के एक तरफ लाल रंग निकल आया था, जिसके बारे में डॉक्टर ने कहा कि सेल में लिथियम होता है. गले के अंदर उसका विघटन शुरू हो गया था. अगर कुछ देर वह अंदर रहता तो मासूम के लिए जानलेवा बन जाता. लोग पूछ रहे- कैसे किया? यह ऐसे मामलों का डील करने का यह तरीका अनोखा है. बच्चे के गले से सेल भी निकाल लिया, बिना एनेस्थेसिया दिए हुए, जो हैरान करता है. पूरे जिले में ही इस ऑपरेशन की चर्चा हो रही है. लोग डॉक्टर से पूछ रहे हैं कि यह कैसे संभव हुआ.


No comments:

Post a Comment