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Thursday, July 8, 2021

बम्हनी थाना में धड़ल्ले से चल रहा सट्टा के आंकड़ों का खेल,जानकर भी अनजान है स्थानीय पुलिस ...


रेवांचल टाईम्स :- मंडला के बम्हनी थाने के अंतर्गत बस स्टैंड पुराना बस स्टैंड टिकरी मोहल्ला ऐसे अनेक जगहों पर इन दिनों अपने पूरे शबाब में चल रहा है सट्टे के कारोबार का संचालन जोरो पर है। सूत्रों की माने तो स्थानीय नेता एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद से जुएं एवं सट्टे का कारोबार बड़ी तेजी से गाँव गाँव तक चल रहा है। बम्हनी में लंबे समय से इस कारोबार का संचालन हो रहा है लेकिन यहां तक वर्दी धारियों की पहुंच नहीं हो पा रही है या कहे कि पहुँचना ही नही चाह रहे है इन्हें सटोरियों के सब ठिकानों का पता है पर कही न कही हप्ता महीना का ख्याल आया जाता है।

       और यही कारण है कि लोगों के दिल से पुलिस का डर निकल चुका है और चाय दुकान, पान ठेला, किराना दुकान, ऐसे बहुत सी जगह है जहाँ पर बड़े ही आसानी से लोग लगा सकते है सब जानकर भी अनजान बनाना अबैध कामों में अनदेखा करना ये शायद अब आदत में आ चुका जिसके कारण से बम्हनी और बम्हनी से लगे गाँवो में बेरोजगार लोग एक आठ बनाने में लगे है इन बेरोजगार के पास अब कुछ काम भी नही बचा है क्योंकि जगह जगह लोग बडे बनने के सपने जो देखने लगे जिस कारण आज बम्हनी ओर उनके लगे गाँवो में भी बड़ी मात्रा में सट्टा का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है।


सट्टा जैसे संगीन अपराध को स्थानीय लोगों द्वारा भरे समाज में खिलवाया जा रहा है। इससे युवा वर्ग के लोगों पर ज्यादा असर दिखाई पड़ रहा है। जहां युवा वर्ग के लोग सट्टा एवं जुआ जैसे संगीन अपराध में संलिप्त हो रहे हैं, लेकिन इस अपराध को रोकने में पुलिस विभाग नाकाम साबित हो रही है। और ये सट्टा काम बड़ी तेजी से सामाजिक बुराई बड़ी तेजी से पॉइजन की तरह फैल रहा है।


माना जा रहा है कि नगर में रोजना लाखों रुपए का सट्टा खेला जा रहा है। नगर में धड़ल्ले से चल रहे इस कारोबार को इलाके के सफेद पोश नेताओं और थाने का खुला संरक्षण प्राप्त है।


संक्रमण के समय लॉकडाउन में  वैसे तो सट्टा खाईवाल ने घरों में मोबाइल की सहायता से व्यापार को चालू रखा। लेकिन अब लॉकडाउन खुलते ही सट्टा का कारोबार ने जोर पकड़ा है। बम्हनी नगर के टिकरी मोहल्ला शीतला मंदिर सिविल लाइन वार्ड रेलवे स्टेशन और नगर परिषद मोहल्ला में लोग अब सरेआम गली चौराहों में सट्टा पट्टी लिख रहे हैं। किराना दुकान की आड़ में, खुलेआम सट्टा पट्टी लिखी जा रही है। इसके अतिरिक्त नगर के कई वार्ड, कई साइकिल स्टोर, पान ठेला, गुमटी की आड़ में भी सट्टा-पट्टी लिखने का खेल चल रहा है। नगर से जुड़े अनेक गांवों में जैसे देवगांव, सिलगी, ठरका, जहरमऊ, लिमरुआ, भड़िया, सर्री विछुआ,आदि सभी गांवों में भी सट्टा कारोबारी पैर पसार चुके हैं। विडंबना यह है कि सट्टा के इस खेल में युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं। अब तो विद्यार्थी, व्यवसायी और महिलाएं भी सट्टा खेलने के लिए पहुंचने लगी हैं।


सट्टा का यह खेल जीरो से लेकर नौ नंबर तक चलता है और नेट पर एक ही नंबर आता है, जिससे नौ नंबरों का रुपये उन्हें सीधा-सीधा बच जाता है, जिससे खिलाड़ी का जब नंबर फंसता है वह इसमें खुश हो जाता है कि उसे दस के 80 मिल गये, लेकिन अन्य बाकी खिलाडियों के रुपये जिनके नंबर नहीं फंसते उनका सीधा रुपये सट्टा माफियाओं की जेब में जाता है। अब इस कारोबार का जाल पूरे शहर में फैल चुका है। ऐसा नहीं है कि पुलिस सट्टे, जुएं के इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगा सकती। कुछ पुलिस अधिकारी ऐसे भी आएं जिन्होंने सट्टे के कारोबार को पूरी तरह बंद करा दिया था। अब पुलिस अधिकारियों की शह और नेताओं की सहमति से शहर में यह कारोबार फिर से फलने फूलने लगा है। सट्टा का यह कारोबार पुलिस की नाक के नीचे और विभाग की जानकारी में ही फल-फूल रहा है। अब देखना यह है कि इस कारोबार पर फिर पूर्णतः अंकुश लग पाता है या नहीं। या फिर छोटे एजेंटों को पकड़ कर बड़े खाईवालों को बचाने का प्रयास किया जाता है। वही इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते आ रहे है।

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