हैदर रज़ा की 5वीं पुण्य तिथि पर दी गई पुष्पांजलि....कला प्रेमियों के श्रद्धााा सुमन किए अर्पित - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Friday, July 23, 2021

हैदर रज़ा की 5वीं पुण्य तिथि पर दी गई पुष्पांजलि....कला प्रेमियों के श्रद्धााा सुमन किए अर्पित





मण्डला - शुक्रवार को मंडला की माटी में आराम फरमा रहे पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित महान चित्रकार सैयद हैदर रज़ा की पुण्य तिथि पर कलाकारों और कला प्रेमियों ने हुए श्रद्धांजलि दी। स्थानीय कब्रिस्तान पर पहुंचकर उनके चाहने वालों ने रज़ा साहब व उनके पिता की कब्र पर चादर चढ़ाई और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। हैदर रज़ा की यह पांचवी पुण्य तिथि थी। रज़ा साहब ने 23 जुलाई 2016 को नई दिल्ली में अंतिम सांस ली थी। उनकी इच्छा के मुताबिक मंडला स्थित कब्रिस्तान में 24 जुलाई 2016 को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनको सुपुर्द ए खाक किया गया था। तब से हर वर्ष रज़ा फाउंडेशन, रज़ा साहब के जन्म दिवस पर रज़ा उत्सव और उनकी पुण्य तिथि पर रज़ा स्मृति का आयोजन कर रहा है। इन कार्यक्रमों में हर आयु वर्ग के लोग बड़े उत्साह से शामिल होकर चित्रकारी करते है और रज़ा साहब को श्रद्धांजलि देते है। .
रज़ा साहब को पुष्पांजलि देने कब्रिस्तान पहुंचे कला प्रेमी जयदत्त झा ने कहा कि जब से रज़ा साहब के इंतकाल के बाद से रजा फाउंडेशन द्वारा मंडला में साल में 2 बार चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए हम रज़ा साहब को श्रद्धांजलि देते हैं और दूसरा स्थानीय कलाकारों और बच्चों को एक मंच मिल रहा है। रज़ा साहब को भारत सरकार ने पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया था, इतनी महान शख्सियत होने होने के बावजूद उनका मंडला से काफी लगाव रहा जिसकी वजह से ही उन्होंने इच्छा जताई थी कि उन्हें इन्तिकाल के बाद मंडला कब्रिस्तान में उनके पिता के बगल में दफन किया जाये। 60 साल विदेश में रहने के बाद भी मंडला से उनका रिश्ता बना रहा। रज़ा साहब मंडला की माटी में आराम फरमा रहे है, यह हमारे लिए फक्र की बात है। उन्होंने उन्होंने उम्मीद जताई कि फाउंडेशन लगातार इस तरह के कार्यक्रम करता रहेगा और मंडला की नई - नई प्रतिभाओं को सामने आने का अफसर मिलता रहेगा।

रज़ा स्मृति के संयोजक योगेंद्र त्रिपाठी ने कहां कि रज़ा साहब को हम यहां के कलाकारों को प्रोत्साहित कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मंडला में रज़ा फाउंडेशन द्वारा साल में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। रज़ा स्मृति के दौरान जो उत्साह दिखा उससे हमें काफी खुशी हुई। हम देख रहे हैं कि कई बच्चों ने चित्रकला लेकर काफी तरक्की की है। उनके चित्रों को देखकर लगता है कि इनमें समझ पैदा हो रही है और यह आगे जाकर बड़े कलाकार बन सकते हैं। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए ही "रज़ा और रज़ा के चित्र" पुस्तक का विमोचन भी किया गया है। इसमें रज़ा साहब के चित्रों को बहुत अच्छी तरीके से समझाया गया है। लगातार हो रहे हैं इन कार्यक्रमों से मंडला के कलाकारों में भी एक अच्छा नजरिया पैदा हुआ है। फरवरी माह में साहब का 100वां जन्म दिवस है। यदि अनुकूल परिस्थिति रही तो हम भारतीय नृत्य और संगीत को वृहद सांस्कृतिक कार्यक्रम का यादगार आयोजन करेंगे।

इस दौरान संजीव चौबे, योगेंद्र त्रिपाठी, गजेंद्र सोनी, जयदत्त झा, आशीष कछवाहा, मनोज दिवेदी, हिफ्जुर्रहमान कुरैशी, एम यादव, अशोक सोनवानी, सारंग साहू, त्रिलोक सिंधिया, सागर सिंधिया, पी एल डोंगरे, आदित्य वर्मा, डीपमणी खेरवार, भीकम प्रजापति, राजेश छत्री, जगदीश कछवाहा, प्रवीण बर्मन, संदीप बर्मन, अभिषेक, प्रिंस, सागर, पुलकित, किशोर बैरागी, आशीष, अनिरूद्ध, आदित्य सहित बड़ी संख्या में रज़ा साहब के चाहने वाले उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment